
पटना: चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ खान सर से जुड़े फायरिंग मामले की जांच के दौरान पटना पुलिस को कुछ नए तथ्य मिले हैं। पुलिस ने उनके दोनों निजी बॉडीगार्ड्स के हथियारों और लाइसेंस की जांच की है, जिसके आधार पर केस डायरी में कई नए बिंदु शामिल किए गए हैं। मामले की सुनवाई अब अदालत में होनी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कथित फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार का लाइसेंस उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी तालेबर सिंह के नाम पर जारी है। जांच में यह सामने आने का दावा किया गया है कि उसके लाइसेंस का परमिट पूरे देश में मान्य नहीं था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बिहार में हथियार के साथ सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा कार्य करने की स्थिति में संबंधित प्रशासन, स्थानीय थाना और आर्म्स मजिस्ट्रेट को सूचना देना आवश्यक होता है। पुलिस का दावा है कि इस संबंध में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। इन तथ्यों को केस डायरी में दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि खान सर के निजी सुरक्षा कर्मियों का आवश्यक पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार लाइसेंस की जांच में भी कुछ तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, यह लाइसेंस उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से जारी किया गया था और इसमें पूरे भारत में हथियार रखने की अनुमति थी। जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पाया कि यह लाइसेंस कथित तौर पर आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह देख रही हैं कि इसका उपयोग निजी सुरक्षा कार्यों में किया गया या नहीं और यदि किया गया तो क्या यह लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप था।
इस मामले की कानूनी प्रक्रिया अब अदालत में चल रही है। पटना सिविल कोर्ट में 30 जून को मामले से संबंधित सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, प्राथमिकी रद्द करने की मांग को लेकर खान सर द्वारा दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई होनी है। सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा है।
इधर, सरकारी पक्ष के वकील अदालत में खान सर और उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों की जमानत का विरोध कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया है। वहीं, मामले में अंतिम निर्णय अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही करेगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें आगामी न्यायिक सुनवाई पर टिकी हुई हैं।


