
रोहतास: बिहार के रोहतास जिले में एक अज्ञात जंगली जानवर की मौजूदगी की आशंका से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि यह जानवर तेंदुआ हो सकता है, हालांकि वन विभाग ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के कुछ लोग एक स्थान पर बैठे थे, तभी पास की झाड़ियों से किसी जंगली जानवर की तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही लोग जान बचाकर वहां से भाग गए। कुछ देर बाद जब वे दोबारा मौके पर पहुंचे तो वहां खून के धब्बे मिले। पास ही एक नीलगाय मृत पड़ी थी, जबकि एक कुत्ता गंभीर रूप से घायल मिला। कुत्ते के कंधे पर गहरे जख्म पाए जाने के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की आशंका जताई।
ग्रामीण राकेश सिंह, गुड्डू सिंह और वशिष्ठ सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रातभर जंगली जानवर की तलाश करते रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने दावा किया कि जानवर अंसारी गांव की ओर गया था और बाद में पड़वा गांव के काली मंदिर के समीप झाड़ियों में छिपा हुआ देखा गया। कुछ ग्रामीणों ने दो जंगली जानवर होने की भी आशंका जताई, लेकिन अंधेरा होने के कारण किसी को स्पष्ट रूप से जानवर दिखाई नहीं दिया और न ही कोई तस्वीर ली जा सकी।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्टर शरद कुमार और वनरक्षक शिल्पी सिंह ने आसपास के खेतों, पेड़ों और झाड़ियों में घंटों तलाशी अभियान चलाया, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले।
फॉरेस्टर शरद कुमार ने बताया कि जांच के दौरान न तो तेंदुए के पैरों के निशान मिले और न ही ऐसा कोई अन्य साक्ष्य मिला जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हो सके। उन्होंने कहा कि तेंदुआ आमतौर पर शिकार की गर्दन पर हमला करता है, जबकि घटनास्थल पर मिले निशान इस तरह के नहीं हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि रात के समय किसी भी संदिग्ध जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि टीम मौके पर पहुंचकर जांच और आवश्यक कार्रवाई कर सके।
फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। वहीं, जंगली जानवर की आशंका को लेकर गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।


