जमुई में युवक की संदिग्ध मौत से बवाल: शव रखकर 3 घंटे तक सड़क जाम, अस्पताल पहुंचे दोस्त को भी मारी गोली

जमुई: बिहार के जमुई जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर जमुई-खड़गपुर मुख्य मार्ग स्थित नूमर चौक को तीन घंटे से अधिक समय तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मृतक की पहचान नूमर निवासी दीपक कुमार यादव के रूप में हुई है।

तिलक समारोह के बहाने घर से बुलाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे रॉकी कुमार अपने एक साथी के साथ दीपक को तिलक समारोह में चलने की बात कहकर घर से बुलाकर ले गया। देर रात करीब एक बजे परिवार को सूचना मिली कि दीपक का एक्सीडेंट हो गया है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां दीपक का शव पड़ा मिला।

मृतक के मामा कृष्णदेव यादव ने बताया कि दीपक खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। अस्पताल में उसके सिर के पिछले हिस्से पर टांके लगे हुए थे, जिससे घटना संदिग्ध लग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया।

पिता बोले- बेटे की हत्या हुई है

मृतक के पिता गोरेलाल यादव ने कहा कि उनका बेटा दोस्तों के साथ गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसका शव अस्पताल में मिला। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

अस्पताल पहुंचे दोस्त को भी मारी गोली

मामले ने उस समय और सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब दीपक का दोस्त सूरज उसे देखने अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि सदर अस्पताल के गेट पर रात करीब 2:45 बजे बाइक सवार चार बदमाशों ने सूरज की बाईं जांघ में गोली मार दी। घायल सूरज को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।

मृतक के मौसेरे भाई राजेश कुमार ने दावा किया कि अस्पताल में रॉकी सिंह और बंटी सिंह मौजूद थे, जो बाद में वहां से फरार हो गए।

पुलिस क्या कह रही है?

एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रद्धा हॉस्पिटल की चौथी मंजिल की छत से गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि घायल सूरज के बयान के आधार पर तीन लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल दीपक कुमार यादव की मौत रहस्य बनी हुई है। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं, जबकि पुलिस अस्पताल की छत से गिरने की बात कह रही है। वहीं मृतक के दोस्त पर हुई गोलीबारी ने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि दीपक की मौत हादसा थी या हत्या।

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