
बिहार में मॉनसून की रफ्तार फिलहाल असमान बनी हुई है। राज्य के कुछ हिस्सों में लगातार झमाझम बारिश हो रही है, जबकि कई जिले अब भी उमस भरी गर्मी और कम वर्षा से परेशान हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आंधी-तूफान, तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिहार में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से उत्तर और दक्षिण बिहार के मौसम में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। उत्तर बिहार, सीमांचल और तराई के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जबकि दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। यही कारण है कि राज्यभर में मौसम का अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने जिन 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, जमुई और बांका शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवा के साथ भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम अचानक खराब हो सकता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य से अधिक खराब हो सकता है और कुछ स्थानों पर नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय निकायों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने राज्य के बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट वाले इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि इन क्षेत्रों में मौसम की तीव्रता ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की तुलना में कम रहने की संभावना है।
विशेष रूप से किसानों के लिए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। किसानों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें। बिजली गिरने की घटनाएं मानसून के दौरान तेजी से बढ़ती हैं और खुले खेतों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है। कृषि कार्यों की योजना मौसम की स्थिति देखकर ही बनाने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सीमांचल क्षेत्र के किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश की संभावना सबसे अधिक है। इन इलाकों में पहले से ही लगातार बारिश हो रही है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन को संभावित जलभराव वाले इलाकों पर नजर रखने को कहा गया है।
शुक्रवार देर रात पटना और आसपास के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि इस बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से खास राहत नहीं मिली। दिनभर नमी और गर्म हवा के कारण लोगों को असहज मौसम का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का मानना है कि अगले 48 घंटों में स्थिति बदल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 जून से बिहार में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना बढ़ रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अब अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसी वजह से 28 और 29 जून को मौसम विभाग ने डबल अलर्ट जारी किया है। इन दो दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो उन क्षेत्रों को बड़ी राहत मिल सकती है जहां अब तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है। इससे खेती-किसानी पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 26 जून तक बिहार के 36 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें 18 जिले ऐसे हैं जहां बारिश में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज हुई है। यह आंकड़ा राज्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि वर्षा की कमी का सीधा असर कृषि उत्पादन और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
केवल किशनगंज और सुपौल ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। उत्तर बिहार और सीमांचल के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। कुछ नदियां उफान की स्थिति में पहुंच रही हैं, जिससे बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून की कमजोर गति के पीछे अल नीनो के शुरुआती प्रभाव को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अल नीनो के कारण कई बार मानसूनी हवाओं की गति और दिशा प्रभावित होती है, जिससे वर्षा वितरण असंतुलित हो जाता है। यही वजह है कि बिहार में कहीं अधिक बारिश हो रही है तो कहीं लोग बादलों का इंतजार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को मौसम के इस बदलाव के दौरान सावधान रहने की सलाह दी है। उमस और बारिश के बीच वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर बिहार में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 12 जिलों में जारी ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों में येलो अलर्ट यह संकेत देता है कि राज्य में मौसम तेजी से करवट ले सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सभी जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।


