
श्रावणी मेला को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार, रेल परिचालन को सुगम बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने भागलपुर रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण कर विकास कार्यों और मेले की तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं ताकि श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। विशेष रूप से स्टेशन के एक नंबर से तीन नंबर गुमटी तक बन रही शंटिंग लाइन का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों से कार्य की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना को जुलाई महीने के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शंटिंग लाइन तैयार होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही और संचालन पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुगम हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार शंटिंग लाइन का निर्माण स्टेशन परिचालन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में कई बार ट्रेनों के संचालन के दौरान तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आती हैं, जिससे देरी की स्थिति बनती है। नई शंटिंग लाइन बनने से ट्रेनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने, हटाने और परिचालित करने में सुविधा होगी। इसका सीधा लाभ यात्रियों को समयबद्ध रेल सेवाओं के रूप में मिलेगा।
डीआरएम ने श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में रेलवे की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को टिकट, प्लेटफॉर्म, ट्रेन में चढ़ने-उतरने, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन की छोटी सीढ़ियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। डीआरएम ने बताया कि इन सीढ़ियों को चौड़ा और बड़ा करने का कार्य तेजी से चल रहा है। श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए यह कार्य काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संकरी सीढ़ियों के कारण भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को परेशानी होती है, जिसे दूर करने के लिए यह विस्तार कार्य कराया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि चौड़ी सीढ़ियां यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाएंगी और भीड़ प्रबंधन में मदद करेंगी। इससे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा भी बेहतर होगी और भगदड़ जैसी स्थिति की संभावना कम होगी।
श्रावणी मेला के दौरान ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। डीआरएम ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस को छोड़कर लगभग सभी ट्रेनों का सुल्तानगंज स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में कांवरिया इसी स्टेशन के जरिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं।
इसके अलावा जिन ट्रेनों का ठहराव पहले केवल दो मिनट का था, उन्हें बढ़ाकर पांच मिनट किए जाने की तैयारी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त समय मिलने से यात्रियों को ट्रेन में सुरक्षित तरीके से चढ़ने और उतरने में सुविधा होगी। खासकर श्रावणी मेला के दौरान जब प्लेटफॉर्म पर भीड़ अधिक रहती है, तब अतिरिक्त ठहराव समय यात्रियों के लिए राहत साबित होगा।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर की स्वच्छता और यात्री सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डीआरएम ने पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया और पाया कि कुछ स्थानों पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर में अव्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम स्टेशन परिसर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्किंग क्षेत्र में अवैध रूप से दुकान लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीआरएम ने कहा कि पार्किंग स्थल यात्रियों की सुविधा के लिए निर्धारित किए गए हैं, इसलिए वहां अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कब्जे से न केवल यात्रियों को परेशानी होती है बल्कि यातायात भी प्रभावित होता है।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए डीआरएम ने सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह कार्यशील रहें और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए। श्रावणी मेला के दौरान भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मेला अवधि के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल, हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। प्लेटफॉर्म पर उद्घोषणा प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा ताकि यात्रियों को समय पर सही जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की कमी समय रहते दूर की जा सके।
कुल मिलाकर भागलपुर रेलवे स्टेशन पर श्रावणी मेला को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। शंटिंग लाइन निर्माण, प्लेटफॉर्म विस्तार, ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कदमों से स्पष्ट है कि रेलवे प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे हो जाते हैं, तो श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है।


