मोकामा में गैंगस्टर सोनू-मोनू गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घर पर रेड के बाद पिता प्रमोद सिंह गिरफ्तार

एक बार फिर अपराध और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कुख्यात सोनू-मोनू गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए उनके घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान गैंगस्टर भाइयों के पिता और पेशे से अधिवक्ता प्रमोद सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई है और पुलिस अब प्रमोद सिंह से गहन पूछताछ कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पूर्व सूचना और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई। जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली कि प्रमोद सिंह अपने घर पर मौजूद हैं, एक विशेष टीम तुरंत छापेमारी के लिए रवाना हुई। छापेमारी का नेतृत्व बाढ़ एसडीपीओ रामकृष्णा ने किया। पुलिस टीम ने घर को चारों ओर से घेरकर कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद प्रमोद सिंह को हिरासत में ले लिया गया।

अवैध खनन मामले से जुड़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार प्रमोद सिंह की गिरफ्तारी अवैध खनन से जुड़े मामले में हुई है। पुलिस लंबे समय से पंचमहला थाना क्षेत्र में अवैध सफेद बालू खनन के खिलाफ अभियान चला रही थी। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

इसी क्रम में पुलिस ने हाल के दिनों में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान खनन स्थल से कई संदिग्ध वाहनों और उपकरणों को जब्त किया गया। पुलिस ने मौके से बाइक, जेसीबी मशीन और अन्य संसाधनों को कब्जे में लिया था। इसके अलावा कुछ संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया और हथियार बरामद किए गए थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह हुआ कि इस अवैध कारोबार के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जिसमें स्थानीय अपराधियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है।

जब्त बाइक से खुला नया सुराग

मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस द्वारा जब्त की गई एक बाइक अचानक गायब हो गई। बताया गया कि खनन स्थल के पास से कब्जे में ली गई बाइक को कुछ बदमाश पुलिस की निगरानी से निकालकर लेकर फरार हो गए थे। इस घटना ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी और मामले की जांच तेज कर दी गई।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना मिली कि वही बाइक सोनू-मोनू के पिता प्रमोद सिंह के घर में छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और तुरंत छापेमारी की योजना बनाई गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर की तलाशी ली और संदिग्ध वस्तुओं की जांच की। इसके बाद प्रमोद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस बरामदगी से पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

सोनू-मोनू गैंग पर पहले से कई आरोप

थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव निवासी सोनू और मोनू का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों भाइयों पर रंगदारी, हिंसा, अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े आरोप लगते रहे हैं।

पुलिस लंबे समय से दोनों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हालिया कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी तलाश और तेज कर दी है। सूत्रों का कहना है कि सोनू फिलहाल फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है।

फायरिंग केस में भी बढ़ सकती है मुश्किल

प्रमोद सिंह की मुश्किलें सिर्फ अवैध खनन तक सीमित नहीं दिख रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन पर एक पुराने फायरिंग केस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अनंत कुमार सिंह के समर्थक जलालपुर निवासी मुकेश कुमार पर हुई गोलीबारी में भी उनकी भूमिका की जांच की जा सकती है।

हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध तलाश रही हैं। यदि पूछताछ में कोई नया तथ्य सामने आता है तो प्रमोद सिंह के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

पहले भी हो चुकी है छापेमारी

हाल के दिनों में सोनू-मोनू गैंग पर पुलिस की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी फायरिंग की घटना के बाद पुलिस उनके घर छापेमारी के लिए पहुंची थी। उस समय भी पुलिस को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तलाशी अभियान चलाना पड़ा था।

उस पुराने मामले में प्रमोद सिंह को कानूनी राहत मिल गई थी और उन्होंने जमानत प्राप्त कर ली थी। लेकिन नई गिरफ्तारी के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है। पुलिस का मानना है कि पिछले मामलों से जुड़े कई बिंदु अब फिर से जांच के दायरे में आ सकते हैं।

पुलिस पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे

फिलहाल पुलिस प्रमोद सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि अवैध खनन नेटवर्क, जब्त बाइक और कथित आपराधिक गतिविधियों के बीच क्या संबंध है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या गैंग के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हैं।

जांच अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि नेटवर्क बड़ा निकला तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

इलाके में बढ़ी हलचल

प्रमोद सिंह की गिरफ्तारी के बाद मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कुल मिलाकर मोकामा में सोनू-मोनू गैंग के खिलाफ हुई यह कार्रवाई अपराध के खिलाफ पुलिस के बढ़ते दबाव का संकेत है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस को पूछताछ में कौन-कौन सी नई जानकारी मिलती है और क्या सोनू-मोनू गैंग के अन्य सदस्यों तक भी कार्रवाई पहुंचती है।

  • ये भी पढ़े..

    टीएनबी कॉलेजिएट मैदान में पार्क निर्माण का विरोध, बच्चों के खेल मैदान को बचाने सड़क पर उतरे स्थानीय लोग

    Share Add as a preferred…

    अमडंडा थाना का कथित वीडियो वायरल, थाने के भीतर युवक के नशा सेवन का दावा; पुलिस पर रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप

    Share Add as a preferred…