
पटना: बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सम्राट चौधरी सरकार ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, भारतGPT और शर्वम AI जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) करने को मंजूरी दे दी है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री Nitish Mishra ने बताया कि इन समझौतों के माध्यम से बिहार को AI के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि इन कंपनियों के सहयोग से युवाओं को AI और नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की योजना अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को भी AI आधारित प्रशिक्षण देने की है।
जल्द आएगी बिहार की अपनी AI पॉलिसी
नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार की पहली AI पॉलिसी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। इसके जरिए सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, सेवा वितरण और प्रशासनिक कार्यों में AI तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
बड़े निवेश की भी उम्मीद
सरकार का मानना है कि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी से बिहार में आईटी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। साथ ही AI आधारित समाधान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगला कदम
कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद अब इन चारों कंपनियों के साथ औपचारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह पहल बिहार को देश के उभरते हुए AI हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


