वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने, भरत भूषण तिवारी के चचेरे भाई पर पहले से दर्ज हैं दो गंभीर मामले

भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर नया खुलासा सामने आया है। वायरल वीडियो में भरत भूषण तिवारी का चचेरा भाई आशीष तिवारी खुद को पुलिस विभाग में कार्यरत बताते हुए नौकरी छोड़ने और भाई की मौत का बदला लेने जैसी बातें करता दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि अब इस वीडियो और संबंधित व्यक्ति को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षी संख्या 647 वर्तमान में की मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ पहले से दो अलग-अलग विभागीय कार्रवाई दर्ज हैं। दोनों मामले मोतिहारी जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े हैं और फिलहाल उनकी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। वीडियो में आशीष तिवारी भावनात्मक और आक्रोशपूर्ण अंदाज में बयान देते दिखे, जिसके बाद लोगों ने विभिन्न तरह के दावे करना शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा, क्योंकि संबंधित व्यक्ति का विभागीय रिकॉर्ड पहले से विवादों में रहा है।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आशीष तिवारी के खिलाफ पहली विभागीय कार्रवाई वर्ष 2023 में शुरू हुई थी। उस समय उनकी तैनाती मोतिहारी के हरपुर ओपी में थी। विभागीय कार्यवाही क्रमांक 21/2023 में दर्ज आरोपों के मुताबिक 7 जनवरी 2023 की रात ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने साथ कार्यरत पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।

रिपोर्ट के अनुसार उस रात लगभग 10 बजे आशीष तिवारी ने सहकर्मियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने गार्ड रूम में रखे हथियारों को तलाशने की कोशिश की। आरोप है कि जब उन्हें हथियार नहीं मिले तो उन्होंने चाकू उठा लिया और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के पीछे दौड़ पड़े। इस घटना ने पुलिस महकमे के भीतर गंभीर चिंता पैदा की थी।

इस प्रकरण की विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। उन्हें दंडस्वरूप छह महीने तक वेतनवृद्धि रोकने की सजा दी गई। साथ ही भविष्य में आचरण सुधारने की सख्त चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि इसके बावजूद उनके खिलाफ दूसरा गंभीर मामला भी सामने आया।

आशीष तिवारी के खिलाफ दूसरी विभागीय कार्यवाही क्रमांक 58/2024 वर्तमान में लंबित है। यह मामला वर्ष 2024 का है, जब उनकी तैनाती मोतिहारी जिले के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में थी। अधिकारियों के अनुसार यह मामला पहले मामले की तुलना में अधिक गंभीर प्रकृति का माना जा रहा है।

दर्ज आरोपों के मुताबिक 17 अगस्त 2024 को पैंथर टीम में ड्यूटी के दौरान आशीष तिवारी ने अपने साथ कार्यरत कर्मचारियों और गार्ड के साथ फिर से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब उन पर हथियार के दुरुपयोग का आरोप लगा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने अपनी 9 एमएम पिस्तौल को कॉक कर गार्ड की ओर फायर कर दिया।

घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। आरोप है कि जब विभागीय अधिकारी स्थिति संभालने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे तो आशीष तिवारी ने उन्हें भी धमकाया। रिकॉर्ड के अनुसार इस दौरान फायरिंग की घटना भी हुई। इतना ही नहीं, उन पर स्वयं को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

इस घटना के संबंध में एफआईआर क्रमांक 173/2024 दर्ज की गई थी। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज हुआ। इस प्रकरण की जांच अभी भी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर जनमत को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक तथ्यों और दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी हो जाती है। भरत भूषण तिवारी मामले में भी वायरल वीडियो के बाद भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन अब पुलिस रिकॉर्ड ने कई नए तथ्य उजागर किए हैं।

भरत भूषण तिवारी की मौत पहले से ही संवेदनशील और चर्चित मामला बनी हुई है। इस बीच उनके चचेरे भाई से जुड़ा वायरल वीडियो और उसके बाद सामने आई पुलिस फाइलों ने पूरे घटनाक्रम को और जटिल बना दिया है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का विभागीय रिकॉर्ड पहले से विवादों में रहा है।

फिलहाल दोनों विभागीय मामलों की जांच जारी है और पुलिस मुख्यालय की नजर इस पूरे प्रकरण पर बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि आशीष तिवारी के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की सच्चाई सामने आने के बाद लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसके तथ्य जरूर जांच लें।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल दौर में वायरल सामग्री कितनी तेजी से धारणा बना सकती है। इसलिए संवेदनशील मामलों में सत्यापित जानकारी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना बेहद आवश्यक हो जाता है।

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