
भागलपुर में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला कल्याण शाखा, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के तहत डीआरसीसी (DRCC), बरारी में कौशल एवं रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं ने भाग लिया और रोजगार व प्रशिक्षण के अवसरों का लाभ उठाया। कार्यक्रम के दौरान 227 उम्मीदवारों का रोजगार हेतु औपबंधिक चयन किया गया, जबकि 270 इच्छुक अभ्यर्थियों ने कौशल प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया।
यह आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना PM-AJAY के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार की इस योजना का मुख्य फोकस समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। भागलपुर में आयोजित यह रोजगार मेला इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल आधारित प्रशिक्षण और रोजगार उन्मुख शिक्षा की भी उतनी ही आवश्यकता है।
रोजगार मेले में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 621 अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों ने भाग लिया। युवाओं में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। रोजगार की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर पहुंचकर नौकरी से संबंधित जानकारी प्राप्त की और साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया। इससे स्पष्ट हुआ कि युवाओं के भीतर रोजगार पाने की तीव्र इच्छा है और यदि उन्हें सही मंच मिले तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। इनमें एल एंड टी फाइनेंस, भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक तथा SIS इंडिया लिमिटेड शामिल रहीं। इन कंपनियों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों को नौकरी की प्रकृति, वेतनमान, कार्यस्थल और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मेले के दौरान 227 उम्मीदवारों का औपबंधिक चयन किया गया। चयनित युवाओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा मंच मिला, जहां एक ही स्थान पर कई प्रतिष्ठित कंपनियों से बातचीत और इंटरव्यू का अवसर मिला। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं।
इसके अलावा कौशल प्रशिक्षण के लिए डीआरसीसी, जिला उद्योग केंद्र-भागलपुर, सीपेट-भागलपुर एवं यूको आरसेटी के माध्यम से 270 युवाओं का पंजीकरण कराया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक कौशल से लैस करना है ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार पा सकें या स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।
अधिकारियों ने बताया कि कौशल विकास केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी है। यदि युवा आधुनिक तकनीक, डिजिटल कौशल, वित्तीय प्रबंधन और व्यावसायिक दक्षता सीखते हैं तो उनके लिए रोजगार के अवसर कई गुना बढ़ जाते हैं। इसी सोच के साथ सरकार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्हें बताया गया कि सरकार रोजगार सृजन, स्वरोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। युवाओं से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता देश की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए उन्हें सही दिशा और अवसर देना आवश्यक है।
भागलपुर में आयोजित यह रोजगार मेला न केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का भी काम किया। ऐसे आयोजन भविष्य में जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए नई उम्मीदें लेकर आ सकते हैं। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस तरह के और भी रोजगार एवं कौशल मेले आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर, डीआरसीसी बरारी में आयोजित यह कौशल एवं रोजगार मेला भागलपुर के युवाओं के लिए एक सकारात्मक पहल साबित हुआ। इससे न केवल रोजगार के नए द्वार खुले, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में भी प्रेरणा मिली।


