
समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड स्थित चकोटी मठ बुधवार को भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और वैदिक अनुष्ठानों का केंद्र बना रहा। यहां आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सह विष्णु महायज्ञ एवं संत महाकुंभ कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान महाविष्णु के 24 अवतारों सहित अन्य विग्रहों की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। धार्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पूरे आयोजन को अत्यंत भव्य बना दिया।
चकोटी मठ स्थित प्रसिद्ध ‘24 अवतार धाम’ में आयोजित इस महोत्सव में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा कार्यक्रम में पहुंचे। वैदिक परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार, हवन और पूजन के बीच प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न कराया गया। धार्मिक आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
मुख्यमंत्री के आगमन पर कार्यक्रम स्थल पर विशेष उत्साह देखने को मिला। चकोटी मठ परिसर पहुंचते ही संतों, मठ प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मठ के प्रमुख ने मुख्यमंत्री को विशाल फूलमाला और पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और सेवादारों ने मखाना माला, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान भगवान महाविष्णु के 24 अवतारों की प्रतिमाओं के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया। वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न पूजा में उन्होंने राज्य की जनता के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने यह प्रार्थना भी की कि बिहार निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े और राज्य के लोगों का जीवन सुखमय बने।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चकोटी मठ परिसर में स्थापित श्री महाविष्णु के ‘24 अवतार धाम’ का शिलापट्ट अनावरण कर औपचारिक लोकार्पण भी किया। यह क्षण आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयघोष और तालियों के साथ इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। धार्मिक दृष्टि से यह धाम आने वाले समय में बड़ी आस्था का केंद्र बनने की संभावना रखता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चकोटी मठ का 24 अवतार धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि यह स्थान भविष्य में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा, विश्वास और आत्मिक शांति का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उनके अनुसार ऐसे धार्मिक स्थल समाज को केवल आध्यात्मिक रूप से नहीं जोड़ते, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का कार्य करते हैं। ऐसी परंपराएं पीढ़ियों को संस्कारों से जोड़ती हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहता है, तब राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और अधिक सशक्त होती है।
उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं की परंपरा भारतीय सभ्यता की महत्वपूर्ण धरोहर है। समाज में नैतिकता, संयम, सेवा और आध्यात्मिकता का संदेश संत परंपरा के माध्यम से पीढ़ियों तक पहुंचता रहा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं को समझने और उनसे जुड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, धार्मिक गुरु और विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने विष्णु महायज्ञ में भाग लेकर विशेष पूजन किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। पूरे परिसर में भजन, कीर्तन और वैदिक मंत्रों की ध्वनि गूंजती रही, जिससे आयोजन का वातावरण और भी दिव्य बन गया।
इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री , स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, समस्तीपुर सांसद , पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी, विधायक राजेश कुमार सिंह और विधायक अश्वमेघ देवी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया।
प्रशासनिक स्तर पर भी कार्यक्रम की व्यापक तैयारी की गई थी। दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय, पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज तिवारी तथा समस्तीपुर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘24 अवतार धाम’ का निर्माण समस्तीपुर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दे सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
कुल मिलाकर, समस्तीपुर के चकोटी मठ में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सह विष्णु महायज्ञ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का एक विराट उत्सव बन गया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने इस आयोजन को और विशेष बना दिया। आने वाले समय में 24 अवतार धाम देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है।


