
पटना, 24 जून 2026: बिहार सरकार की बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी उन्नयन से जुड़े 47 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था, युवाओं के रोजगार और राज्य की डिजिटल पहचान पर पड़ने वाला है। खास तौर पर बिहार AI Policy 2026 को लेकर लिए गए फैसलों ने इस बैठक को बेहद खास बना दिया। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब बिहार केवल पारंपरिक विकास मॉडल पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित विकास पर भी तेजी से आगे बढ़ेगा।
कैबिनेट बैठक में सबसे चर्चित निर्णय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने का रहा। बिहार सरकार ने राज्य में AI आधारित तकनीकी ढांचा तैयार करने के लिए कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ समझौते को मंजूरी दी। इनमें , और जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के सहयोग से बिहार में AI रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य “ब्रेन ड्रेन” से “ब्रेन गेन” की दिशा में आगे बढ़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई बड़े निर्णय लिए। बिहार में कई निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई। मधुबनी, सीवान, नवादा और पटना में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की क्षमता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगी। लंबे समय से बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने वाले छात्रों के लिए यह निर्णय राहत देने वाला माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने कई योजनाओं पर मुहर लगाई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि विकास योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, कृषि विस्तार योजना और किसानों की आय बढ़ाने वाली कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई। सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, आधुनिक तकनीक को खेती से जोड़ना और किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली। शहरी विकास, आवास और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। अलग-अलग जिलों में नए कोर्ट भवनों का निर्माण होगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी। इसके अलावा शहरी नियोजन से जुड़े नए फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले वर्षों में बिहार के शहरों के विस्तार और आधुनिक विकास मॉडल पर दिखेगा।
पर्यटन और धार्मिक विकास को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए भूमि आवंटन और निवेश योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और बिहार को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत बनाना है। बोधगया, राजगीर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ नए क्षेत्रों में भी पर्यटन संभावनाओं को विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होने की संभावना बढ़ेगी।
श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नए नियमों को भी मंजूरी दी गई। बिहार श्रम नियमावली 2026 और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्वीकृति मिली। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा, सुविधाएं और सामाजिक संरक्षण देना है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह निर्णय खास महत्व रखता है।
पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास के लिए सरकार ने बड़े वित्तीय प्रबंध को भी मंजूरी दी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता देने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकास के लिए विशाल निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे भविष्य में आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का विकास संभव होगा।
कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े नए नियमों को भी स्वीकृति दी गई। बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 लागू होने से शिक्षकों के ट्रांसफर सिस्टम में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस तरह की व्यवस्था की मांग कर रहे थे। सरकार का दावा है कि नई नीति से शिक्षण व्यवस्था अधिक संतुलित होगी और जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती संभव होगी।
कुल मिलाकर 24 जून की बिहार कैबिनेट बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों के लिए व्यापक विकास रोडमैप तैयार कर चुकी है। AI, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक साथ फोकस यह दर्शाता है कि बिहार पारंपरिक विकास से आगे बढ़कर आधुनिक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन फैसलों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो बिहार देश के सबसे तेजी से उभरते राज्यों में शामिल हो सकता है।


