
पटना, 24 जून 2026। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित बिहार कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, कृषि, रोजगार, शहरी बुनियादी ढांचे, पर्यटन और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का असर आने वाले समय में बिहार के लाखों छात्रों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों पर पड़ने वाला है। इस बैठक में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने, नई सड़क परियोजनाओं, शहरी परिवहन और रोजगार सृजन तक कई बड़े निर्णय लिए गए।
कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में बिहार में कई नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी देना शामिल है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य में नए निजी विश्वविद्यालय खुलेंगे, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। सरकार का मानना है कि इससे बिहार के शिक्षा क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए भी कैबिनेट ने कई योजनाओं पर मुहर लगाई। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी दी गई। इस योजना का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसके साथ ही तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय तिलहन मिशन के अंतर्गत भी बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य में तेलहन उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
ग्रामीण विकास विभाग को लेकर भी बड़े फैसले हुए। बिहार ग्रामीण जीविका संवर्धन समिति (जीविका) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई। सरकार ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है।
तकनीकी क्षेत्र में बिहार सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम विकसित करने के लिए कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी दी है। इस पहल के तहत AI आधारित तकनीकों का उपयोग शासन, प्रशासन, शिक्षा और विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बिहार को डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाना है। AI और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के आने से युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी खुलेंगे।
शहरी विकास एवं आवास विभाग से जुड़े कई प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नई परियोजनाओं पर मुहर लगी। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में नई सड़क, सीवरेज और आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए भी बजटीय स्वीकृति दी गई।
पथ निर्माण विभाग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कई सड़क परियोजनाओं और नई बाईपास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, यात्रा समय घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। खासकर पटना और आसपास के क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
पर्यटन क्षेत्र में भी कैबिनेट ने नई योजनाओं को मंजूरी दी। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। बौद्ध, जैन और हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष फोकस रखा गया है। इससे पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग ने अनुसूचित जनजाति और वंचित वर्गों के छात्रों के लिए छात्रावास और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार का निर्णय लिया है। इससे दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे। छात्रावास निर्माण, शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार से शिक्षा का स्तर बेहतर होने की संभावना है।
श्रम संसाधन विभाग के तहत उद्योगों और श्रमिकों से जुड़े नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य औद्योगिक वातावरण को अधिक निवेश अनुकूल बनाना और श्रमिक हितों की रक्षा करना बताया गया है। सरकार Ease of Doing Business को बेहतर बनाने के साथ-साथ श्रमिक सुरक्षा को मजबूत करना चाहती है।
कैबिनेट बैठक में गन्ना उद्योग, गृह विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुछ प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इससे राज्य प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर 24 जून की बिहार कैबिनेट बैठक विकास, तकनीकी प्रगति और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रही। शिक्षा से लेकर AI, कृषि से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास से लेकर पर्यटन तक, लगभग हर प्रमुख क्षेत्र को स्पर्श करने वाले फैसले इस बैठक में लिए गए। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के साथ बिहार के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


