बेऊर जेल का विवादों से पुराना नाता – पहले विधु कुमार, अब नीरज झा; बेऊर जेल फिर सुर्खियों में

पटना: बिहार के सबसे चर्चित और हाई प्रोफाइल जेलों में शामिल केंद्रीय आदर्श कारा बेऊर एक बार फिर विवादों में है। जेल के अंदर कथित अनियमितताओं और संगठित नेटवर्क चलाने के आरोपों के बाद जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कारा प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बीते शनिवार को बेऊर जेल में छापेमारी की थी। जांच के बाद अधीक्षक पर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने फिलहाल ज्योति कुमारी, राजीव रंजन और प्रियतम प्रियदर्शी को बेऊर जेल का सहायक अधीक्षक नियुक्त किया है।

पहले भी चर्चा में रहा बेऊर जेल

बेऊर जेल का नाम इससे पहले भी कई बार विवादों में आ चुका है। वर्ष 2025 में तत्कालीन जेल अधीक्षक विधु कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का मामला दर्ज किया था।

आर्थिक अपराध इकाई ने 3 जनवरी 2025 को मामला दर्ज कर पटना से लेकर मोतिहारी तक कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में आरोप लगाया गया था कि विधु कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर वैध आय से लगभग 146 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की।

करोड़ों की संपत्ति और शेल कंपनियों का आरोप

ईओयू की जांच में दावा किया गया था कि:

  • सोने-चांदी के जेवरात और बर्तन खरीदे गए
  • कई जमीनों की खरीदारी की गई
  • परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति बनाई गई
  • कथित रूप से शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया
  • मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए काले धन को सफेद बनाया गया

जांच के दौरान पटना, बिहटा, मोतिहारी और अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी।

सस्पेंशन के बाद फिर मिली पोस्टिंग

गृह विभाग ने 22 जनवरी 2025 को विधु कुमार को निलंबित कर दिया था। हालांकि बाद में निलंबन समाप्त होने के बाद उन्हें फरवरी 2026 में फिर फील्ड पोस्टिंग देते हुए बेगूसराय जेल अधीक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया गया।

इसी को लेकर विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए थे कि गंभीर आरोपों के बावजूद अधिकारी को दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई।

नीरज कुमार झा पर क्या आरोप?

ताजा मामले में नीरज कुमार झा पर जेल के अंदर कथित रूप से संगठित नेटवर्क संचालित होने और प्रशासनिक अनियमितताओं को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं।

हालांकि जांच अभी जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जांच जारी, कई और अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव

सूत्रों के अनुसार बेऊर जेल में हुई छापेमारी के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां जेल प्रशासन से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा कर रही हैं।

संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

लगातार सवालों के घेरे में बेऊर जेल

एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ बेऊर जेल से जुड़े मामलों ने कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नीरज कुमार झा के खिलाफ चल रही जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और प्रशासन इस मामले में कितना बड़ा कदम उठाता है।

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