अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भागलपुर वन विभाग में योग शिविर, वनकर्मियों ने अपनाया स्वस्थ जीवन का संकल्प

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भागलपुर वन प्रमंडल में भी स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। वन विभाग की ओर से भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया वन प्रक्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में वनकर्मियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग शिविर के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग दिवस मनाना नहीं था, बल्कि कर्मचारियों के बीच मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। सुबह आयोजित इस शिविर में वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य कर्मी एकत्रित हुए। खुले वातावरण में हुए योग सत्र ने पूरे परिसर को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।

भागलपुर वन प्रक्षेत्र, वन प्रक्षेत्र तथा वन प्रक्षेत्र में एक साथ योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन स्थानों पर प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियां कराई गईं। कार्यक्रम में शामिल वनकर्मियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ योगाभ्यास किया।

इस अवसर पर भागलपुर वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी ने योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि योग केवल आसनों का अभ्यास भर नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है जो व्यक्ति को अनुशासन, एकाग्रता और आत्मचिंतन का मार्ग सिखाती है। उनके अनुसार नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि व्यक्ति के भीतर मानसिक स्थिरता और निर्णय क्षमता भी विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग जैसे जिम्मेदारीपूर्ण कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए मानसिक संतुलन और शारीरिक क्षमता दोनों बेहद महत्वपूर्ण हैं। जंगलों, वन्य क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग उन्हें तनावमुक्त और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कहलगांव वन प्रक्षेत्र के पदाधिकारी ने भी योग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को लचीला और मजबूत नहीं बनाता, बल्कि स्वस्थ दिमाग और शांत मन के निर्माण में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में योग व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करता है और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है।

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण मानसिक तनाव, चिंता और अनियमित दिनचर्या लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। योग इन समस्याओं से उबरने का सरल और प्रभावी माध्यम है। यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय योग को दें, तो जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है।

नवगछिया वन प्रक्षेत्र के पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि योग शरीर के भीतर छिपी ऊर्जा को जागृत करता है। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि आत्मिक शक्ति का भी स्रोत है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की क्षमता देता है।

योग शिविर के दौरान प्रशिक्षक के निर्देशन में प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया गया। प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों की सही तकनीक समझाई और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। योग सत्र में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी, सूर्य नमस्कार और ध्यान जैसे अभ्यास शामिल रहे।

योग विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन बढ़ती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार बेहतर होता है। इसके अलावा योग तनाव कम करने, नींद सुधारने, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है। यही कारण है कि आज दुनिया भर में योग को स्वास्थ्य के सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपायों में गिना जाता है।

कार्यक्रम के अंत में योग शिविर को सफल बनाने में योगदान देने के लिए भागलपुर वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम द्वारा प्रशिक्षक रवि कुमार को अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके योगदान की सराहना थी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध का प्रतीक भी बना।

कार्यक्रम में वनपाल धीरेंद्र कुमार ठाकुर, सोनी कुमारी, विजय सिंह, अशोक कुमार, वनरक्षी शुभम कुमार, अमरेश, आदित्य सिंह, प्रमोद, शिवम, प्रियंका, आदित्य अभिनव, नीरज, सुमित, सुबोध, राजीव, रौशन, मुन्नी, कल्पना सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

भागलपुर वन विभाग द्वारा आयोजित यह योग शिविर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग आधुनिक जीवन की आवश्यकता बन चुका है और हर व्यक्ति को इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

आज जब कार्य का दबाव और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में योग शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भागलपुर वन विभाग का यह आयोजन इसी सकारात्मक संदेश के साथ संपन्न हुआ कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन ही बेहतर कार्यक्षमता और खुशहाल समाज की नींव है।

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