
दरभंगा: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में दरभंगा की बेटी प्रिया यादव ने शानदार सफलता हासिल करते हुए पूरे बिहार में 10वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
SDM पद पर हुआ चयन
दरभंगा नगर निगम क्षेत्र के लक्ष्मीसागर वार्ड संख्या-15 की रहने वाली प्रिया यादव का चयन बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अंतर्गत सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) पद के लिए हुआ है। टॉप-10 में स्थान हासिल कर उन्होंने जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
शिक्षा और संघर्ष का सफर
प्रिया यादव के पिता सुभाष चंद्र लाल और माता ज्योति कुमारी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने दरभंगा से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।
सफलता का मंत्र बताया
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिया यादव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और लगातार मेहनत करने की सलाह दी।
“यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और पूरी निष्ठा, ईमानदारी व निरंतर मेहनत के साथ तैयारी की जाए, तो सफलता निश्चित मिलती है। शॉर्टकट नहीं, बल्कि कंसिस्टेंसी ही सफलता की असली कुंजी है। कठिन समय में परिवार का सहयोग मेरी सबसे बड़ी ताकत बना।”
दरभंगा में जश्न का माहौल
जैसे ही प्रिया की सफलता की खबर सामने आई, लक्ष्मीसागर स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन, रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक लगातार पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रिया की सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
महिलाओं का शानदार प्रदर्शन जारी
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में महिला अभ्यर्थियों का प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा का विषय बना है। प्रिया यादव की टॉप-10 में जगह इस बात का प्रमाण है कि बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं प्रिया
प्रिया यादव की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों और साधारण परिवारों से आने वाले छात्र-छात्राएं भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं।
उनकी कहानी मेहनत, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। आज वह दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
परिवार ने जताई खुशी
परिवार के सदस्यों ने कहा कि प्रिया शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी थीं और उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी। उनकी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि आज वह प्रशासनिक सेवा जैसे प्रतिष्ठित पद तक पहुंची हैं।
प्रिया यादव की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास से कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।


