
जमुई: बिहार के जमुई जिले से अंधविश्वास और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने एक महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए उसे ‘डायन’ घोषित कर दिया और बेरहमी से मारपीट की।
बीमारी से युवक की मौत, महिला पर फूटा गुस्सा
जानकारी के अनुसार, गांव का एक 21 वर्षीय युवक पिछले कई दिनों से बीमार था। उसका इलाज चल रहा था और साथ ही झाड़-फूंक भी कराई जा रही थी। गुरुवार रात युवक की मौत हो गई। इसके बाद गांव में अफवाह फैल गई कि एक महिला के कथित जादू-टोने की वजह से युवक की जान गई है।
मृतक के परिजनों ने भी महिला पर आरोप लगाते हुए उसे युवक की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद कुछ ग्रामीणों ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जान बचाने के लिए दूसरे गांव भागी, फिर भी नहीं छोड़ा पीछा
ग्रामीणों के डर से महिला अपनी जान बचाने के लिए लछुआड़ थाना क्षेत्र के एक गांव चली गई, लेकिन आरोप है कि कुछ लोग वहां भी पहुंच गए और उसे जबरन वापस गांव ले आए। इसके बाद दोबारा उसके साथ मारपीट की गई।
बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला मृतक युवक की रिश्ते में चाची लगती है।
पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया
घटना की सूचना मिलने के बाद सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने घायल महिला को सुरक्षित थाने लाकर बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
अंधविश्वास के खिलाफ पुलिस की अपील
सिकंदरा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है और लोगों को अंधविश्वास से दूर रहना चाहिए। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोषियों की पहचान की जा रही है।
बड़ा सवाल: कब खत्म होगा डायन प्रथा का अंधविश्वास?
बिहार में डायन बताकर महिलाओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। कानून बनने और जागरूकता अभियानों के बावजूद कई ग्रामीण इलाकों में आज भी अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। जमुई की यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त इस कुरीति को उजागर करती है।


