
बिहार के हजारों बिजली कर्मचारियों और चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड को बड़ा झटका देते हुए पटना हाईकोर्ट ने आंतरिक भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कंपनी को निर्देश दिया है कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जाए।
553 पदों के लिए निकली थी आंतरिक भर्ती
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि BSPHCL ने अपनी सहायक कंपनियों के साथ मिलकर वर्ग-3 और वर्ग-4 के कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर देने के लिए रोजगार सूचना संख्या 06/2024 जारी की थी। इसका उद्देश्य योग्य कर्मचारियों को उच्च पदों पर जाने का अवसर प्रदान करना था।
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 553 रिक्त पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। चयन समिति की अनुशंसा के बाद परीक्षा हुई और 264 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए।
ज्वाइनिंग से पहले रोक दी गई प्रक्रिया
सफल अभ्यर्थियों को 12 सितंबर 2025 को दस्तावेज सत्यापन और ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया था। लेकिन ज्वाइनिंग से ठीक एक दिन पहले यानी 11 सितंबर 2025 को नोटिस जारी कर भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।
इसके बाद 17 सितंबर 2025 को बोर्ड की 125वीं बैठक में पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला ले लिया गया, जिससे चयनित अभ्यर्थियों के बीच निराशा फैल गई।
अभ्यर्थियों ने कोर्ट में दी चुनौती
69 कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि पूरी चयन प्रक्रिया पूरी होने और ज्वाइनिंग लेटर जारी होने के बाद भर्ती रद्द करना मनमाना फैसला है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कंपनी ने भर्ती रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया।
BSPHCL ने क्या दिया था तर्क?
कंपनी की ओर से अदालत को बताया गया कि चयन प्रक्रिया का विश्लेषण करने पर पाया गया कि यह अन्य सरकारी संस्थानों के मानकों से मेल नहीं खाती थी। इसी कारण विभिन्न कर्मचारी संगठनों और वर्गों की ओर से आपत्तियां सामने आई थीं, जिसके बाद भर्ती रद्द करने का निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान की एकलपीठ ने भर्ती रद्द करने के आदेश को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया।
अदालत ने कहा कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग के लिए बुलाया जा चुका था, तब बिना पर्याप्त कारण के भर्ती रद्द करना उचित नहीं माना जा सकता।
264 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट ने BSPHCL को स्पष्ट निर्देश दिया है कि चयनित 264 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया तीन माह के भीतर पूरी की जाए। अदालत के इस फैसले से लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
यह फैसला न सिर्फ चयनित अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


