बिहार कैबिनेट के 29 बड़े फैसले: खिलाड़ियों को नौकरी, पर्यटन को बढ़ावा, सड़क सुरक्षा पर 622 करोड़ खर्च, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार

पटना, 17 जून 2026। बिहार सरकार ने राज्य के विकास, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य, खेल, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों को नई गति देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जिनका सीधा लाभ राज्य के युवाओं, खिलाड़ियों, पर्यटकों, किसानों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को मिलेगा। कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों में खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली में संशोधन, हेली-टूरिज्म योजना, होमस्टे प्रोत्साहन योजना, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, स्वास्थ्य परिषद के गठन सहित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।

खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का मिलेगा बड़ा अवसर

कैबिनेट बैठक में बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। खेल विभाग लंबे समय से इस नियमावली में बदलाव की तैयारी कर रहा था। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और बिहार से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा क्योंकि अब खेल को केवल शौक नहीं बल्कि बेहतर करियर विकल्प के रूप में भी देखा जाएगा।

पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय लोगों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे बिहार में पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026 को भी मंजूरी दी है। इस योजना के माध्यम से तीर्थयात्रियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क सुरक्षा के लिए 622 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना

राज्य में सड़क सुरक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए बिहार कैबिनेट ने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की स्थापना और क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 622.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

यह प्रणाली आधुनिक कैमरों, ऑटोमेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग, ई-चालान, दुर्घटना नियंत्रण और इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन जैसी सुविधाओं से लैस होगी। सरकार का दावा है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार

कैबिनेट ने बिहार राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद राज्य में स्वास्थ्य शिक्षा, स्वास्थ्यकर्मियों के पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के नियमन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करना है। आने वाले समय में इस नियमावली का असर स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा शिक्षा दोनों पर दिखाई देगा।

नदियों के पुनर्भरण अध्ययन को मंजूरी

बिहार की पांच प्रमुख नदियों—सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन—के पुनर्भरण अध्ययन (Replenishment Study) के लिए 2.32 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह अध्ययन सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) के माध्यम से कराया जाएगा।

इस अध्ययन का उद्देश्य नदियों में बालू और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए खनन गतिविधियों को संचालित किया जा सके।

खनन व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

कैबिनेट ने राज्य में चिन्हित पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी से पहले खनन योजना तैयार करने तथा पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को अधिकृत एजेंसी बनाने की मंजूरी दी है।

सरकार का मानना है कि इससे खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा।

भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बड़ी मंजूरियां

कैबिनेट ने वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए कैमूर जिले में लगभग 781 एकड़ भूमि अधिग्रहण तथा इस पर 230 करोड़ रुपये से अधिक खर्च की स्वीकृति दी है। यह परियोजना बिहार के परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

इसके अलावा सहरसा और पूर्णिया जिलों में भी औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

राज्य की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने पटना उच्च न्यायालय में विशेष पदों के सृजन तथा मधुबनी न्यायमंडल के अंतर्गत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद के सृजन को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही बिहार उच्च न्याय सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार (संशोधन) नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्णयों का उद्देश्य न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है।

प्रशासनिक और संस्थागत सुधारों पर जोर

कैबिनेट ने बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन, विभिन्न विभागों के लिपिकीय संवर्ग की भर्ती एवं सेवा शर्तों के लिए नई नियमावली के गठन तथा तकनीकी सेवा नियमावली में संशोधन जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

इसके अतिरिक्त कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप समिति के गठन को स्वीकृति दी गई है। बोध स्मृति पार्क में संचालित ध्यान केंद्र की अवधि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।

17 जून 2026 की बिहार कैबिनेट बैठक राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में अवसर, पर्यटन को नई उड़ान, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और आधारभूत संरचना विकास से जुड़े बड़े फैसले बिहार की विकास यात्रा को नई गति देंगे। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और जनसुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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