एक वर्ष में पुनर्स्थापित होगा विक्रमशिला विश्वविद्यालय, हर प्रखंड में खुलेंगे मॉडल स्कूल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार अगले एक वर्ष के भीतर ऐतिहासिक को पुनर्स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। इसके साथ ही जुलाई माह से राज्य के प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल शुरू किए जाएंगे, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर छात्र तक पहुंच सके।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान और प्रतिभा की भूमि है। राज्य के छात्र देश के हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा हो, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं हों या देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान, बिहार के विद्यार्थियों का प्रदर्शन हमेशा उल्लेखनीय रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारियों की प्रतिभा केवल राज्य तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत बिहारी अपने ज्ञान, मेहनत और कौशल से विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी बिहारी जाते हैं, वहां अपनी अलग पहचान बनाते हैं और अपनी मेहनत से समाज तथा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करते हैं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय इस धरती की पहचान थे। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना का कार्य हो चुका है और अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी राज्य सरकार तेजी से काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भी विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सकारात्मक विचार व्यक्त किए गए हैं और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक, बौद्धिक और शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। इसके पुनर्स्थापन से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा शिक्षा और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में हजारों विद्यालय संचालित हो रहे हैं और अब उनका लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। इसी उद्देश्य से जुलाई महीने से प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। उनका कहना था कि वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब निजी और कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी इन सरकारी मॉडल स्कूलों में प्रवेश लेने को उत्सुक हों।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले समय में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तथा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार चाहती है कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की शिक्षा में बाधा न बने।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि आज का युवा ही बिहार और देश का भविष्य है। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि बच्चों की सफलता में परिवार का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कानून को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि सभी छात्र-छात्राएं निर्भय होकर शिक्षा प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार की नई पीढ़ी राज्य को विकास और ज्ञान के नए शिखरों तक पहुंचाने का कार्य करेगी।

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