अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर पूर्व रेलवे की बड़ी तैयारी, 3000 से अधिक रेलकर्मी एक साथ करेंगे योग

देशभर में 21 जून को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस अवसर पर पूर्व रेलवे ने भी व्यापक स्तर पर आयोजन की योजना बनाई है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष योग दिवस का आयोजन अब तक के सबसे बड़े और व्यापक कार्यक्रमों में से एक होगा, जिसमें हजारों रेलकर्मी, अधिकारी और कर्मचारी एक साथ योगाभ्यास करेंगे। इसके साथ ही प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों और आम लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जा सके।

योग आज केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आत्मिक विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। भारत की इस प्राचीन परंपरा ने पिछले एक दशक में वैश्विक पहचान हासिल की है और दुनिया के सैकड़ों देशों में इसे अपनाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हर वर्ष करोड़ों लोग सामूहिक रूप से योगाभ्यास करते हैं और स्वस्थ जीवन का संदेश देते हैं। इसी कड़ी में इस बार भी देशभर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

पूर्व रेलवे ने इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपने पूरे जोन में विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। रेलवे मुख्यालय से लेकर विभिन्न मंडलों और कार्यशालाओं तक योग दिवस को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस बार का आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य रेल कर्मचारियों और यात्रियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना भी है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार मुख्य कार्यक्रम का आयोजन कोलकाता स्थित पूर्व रेलवे मुख्यालय में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा पूर्व रेलवे के चार प्रमुख मंडलों—सियालदह, हावड़ा, मालदा और आसनसोल—में भी बड़े स्तर पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। वहीं लिलुआ, कांचरापाड़ा और जमालपुर स्थित रेलवे कारखानों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि योग कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रेल सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को अक्सर लंबी ड्यूटी, तनावपूर्ण परिस्थितियों और अनियमित कार्य समय का सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार अपने कर्मचारियों को योग अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें भाग लेने वाले लोगों की संख्या को माना जा रहा है। रेलवे के अनुसार पूरे जोन में 3000 से अधिक कर्मचारी एक साथ सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेंगे। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक बताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों में योग के प्रति बढ़ती रुचि और जागरूकता को देखते हुए इस बार रिकॉर्ड भागीदारी की उम्मीद है।

योग दिवस के अवसर पर केवल रेलवे कार्यालयों और परिसरों में ही कार्यक्रम नहीं होंगे, बल्कि प्रमुख रेलवे स्टेशनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए विभिन्न स्टेशनों पर विशेष योग प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य आम लोगों को योग के लाभों के बारे में जानकारी देना और उन्हें नियमित जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है। रेलवे का मानना है कि स्टेशन ऐसे सार्वजनिक स्थल हैं जहां बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं, इसलिए यहां आयोजित कार्यक्रमों का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

योग प्रदर्शन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणित प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। रेलवे प्रशासन ने बताया है कि योग प्रमाणन बोर्ड से प्रशिक्षित विशेषज्ञ इन कार्यक्रमों का संचालन करेंगे। इससे प्रतिभागियों को सही तरीके से योगासन और प्राणायाम सीखने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों की उपस्थिति से कार्यक्रम अधिक व्यवस्थित और उपयोगी बनने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि आज दुनिया के विभिन्न देशों में योग को स्वास्थ्य सुधार के प्रभावी साधन के रूप में अपनाया जा रहा है। रेलवे भी अपने कर्मचारियों और यात्रियों के बीच इसी संदेश को पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

पूर्व रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। रेलवे परिवार के सदस्यों को एक मंच पर लाकर योग के माध्यम से सामूहिक स्वास्थ्य चेतना विकसित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्वस्थ कर्मचारी ही बेहतर सेवा प्रदान कर सकते हैं और योग इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

देश में योग आंदोलन को नई पहचान मिलने के बाद विभिन्न सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थाएं और सार्वजनिक संगठन भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं। रेलवे जैसे बड़े संगठन की भागीदारी इस अभियान को और व्यापक बनाने का काम करती है। लाखों यात्रियों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होने के कारण रेलवे के माध्यम से योग का संदेश समाज के बड़े वर्ग तक पहुंच सकता है।

21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम को लेकर पूर्व रेलवे में उत्साह का माहौल है। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि इस आयोजन के माध्यम से हजारों कर्मचारी और यात्री योग के महत्व को समझेंगे तथा इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित होंगे। स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश के साथ आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम न केवल रेलकर्मियों बल्कि आम जनता के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। योग दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे की यह पहल स्वस्थ भारत और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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