शिवहर के सहयोग शिविरों में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, 232 में से 205 मामलों का मौके पर हुआ निपटारा

बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर अभियान का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे इन शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में शिवहर जिले के तीन अलग-अलग प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने शिवहर जिले में आयोजित तीन सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया, लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

शिवहर जिले के पुरनहिया, पिपराही और अन्य पंचायत क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों में लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लोगों की शिकायतों को सुनकर आवश्यक कार्रवाई की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों शिविरों में कुल 232 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 205 मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि कुछ मामलों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शेष मामलों का भी जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।

पुरनहिया प्रखंड के बसंतपट्टी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यहां कुल 27 शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 23 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि दो मामलों को नियमों के अनुरूप अस्वीकृत किया गया। अधिकारियों के अनुसार शेष मामलों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बसंतपट्टी पंचायत में ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें सामने आईं। ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े 10 मामले प्राप्त हुए, जबकि भूमि विवाद और राजस्व संबंधी 7 आवेदन दर्ज किए गए। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जुड़े 4 मामलों पर भी अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।

इसी प्रकार पिपराही प्रखंड के मेसौढ़ा गांव में आयोजित सहयोग शिविर में लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यहां कुल 62 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 47 मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह दर्शाता है कि विभागीय समन्वय और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम कर रही है।

मेसौढ़ा गांव के शिविर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें सामने आईं। दोनों विभागों से जुड़े 20-20 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से 6 आवेदन, ऊर्जा विभाग और श्रम संसाधन विभाग से 3-3 आवेदन दर्ज किए गए। समाज कल्याण विभाग, योजना एवं विकास विभाग तथा पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं।

सबसे अधिक आवेदन मकसूदपुर कररिया पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्राप्त हुए। यहां कुल 143 शिकायतें और आवेदन दर्ज किए गए। इनमें से 135 मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 4 मामलों को नियमानुसार अस्वीकृत कर दिया गया। यह शिविर प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत सफल माना जा रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।

मकसूदपुर कररिया पंचायत में सबसे अधिक 40 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थे। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों को लेकर लोगों ने आवेदन दिए। ग्रामीण विकास विभाग से 33 मामले प्राप्त हुए, जबकि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से 24 आवेदन दर्ज किए गए। ऊर्जा विभाग से संबंधित 21 शिकायतें भी सामने आईं, जिन पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।

मंत्री श्रवण कुमार ने शिविर के दौरान कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। सहयोग शिविरों के माध्यम से प्रशासन लोगों के बीच पहुंच रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान मौके पर नहीं हो सका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि सहयोग शिविर केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं हैं, बल्कि यह सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और पात्र लाभार्थियों को लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सहयोग शिविरों की सराहना की। उनका कहना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिली है। पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को कई बार प्रखंड और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकांश समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधि, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी, राजनीतिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं और कई मामलों का समाधान तत्काल मिलने पर संतोष भी व्यक्त किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के सहयोग शिविर नियमित रूप से आयोजित होते रहे तो प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही सरकारी योजनाओं की पहुंच भी बढ़ेगी और शिकायत निवारण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।

कुल मिलाकर शिवहर जिले में आयोजित सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में सफल साबित हुए हैं। 232 आवेदनों में से 205 मामलों का मौके पर निपटारा यह दर्शाता है कि प्रशासनिक तंत्र लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। आने वाले समय में ऐसे शिविर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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