
भागलपुर: जिले के विकास कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा को लेकर सोमवार को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (20 सूत्री) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की। इस दौरान जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, आपदा प्रबंधन और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिले के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने भाग लिया तथा विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन करना और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, सांसद अजय कुमार मंडल, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान, नाथनगर विधायक मिथुन कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक (नवगछिया) वैभव शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने प्रस्तुत किया विकास कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में संचालित योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भागलपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में लगातार प्रगति दर्ज की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन लगभग 2.79 लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ मिल रहा है। यह योजना विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पोषण स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की दिशा में प्रयास
शिक्षा के क्षेत्र में जिले में कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य तेजी से चल रहा है। आगामी 1 जुलाई से छह प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू होने की संभावना है।
इसके अलावा पीएम श्री विद्यालय और मॉडल स्कूलों में विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
शिकायतों के समाधान में भागलपुर की बेहतर स्थिति
जिलाधिकारी ने बताया कि सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में भागलपुर जिला पूरे बिहार में तीसरे स्थान पर है। अधिकांश शिकायतों का समाधान सात दिनों के भीतर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। तकनीक आधारित शिकायत निवारण व्यवस्था से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ी हैं।
कृषि और उर्वरक उपलब्धता पर विशेष ध्यान
बैठक में कृषि क्षेत्र की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करते हुए आठ उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में लगभग 3.38 लाख लाभार्थियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी जिले का प्रदर्शन संतोषजनक बताया गया। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने बताया कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन
बैठक में रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 190 प्रतिशत तक आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
इसी तरह पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 884 लाभार्थियों का चयन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं और कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मत्स्य पालन क्षेत्र में भी बढ़ रही गतिविधियां
भागलपुर जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में 12,660 मत्स्य पालक सक्रिय हैं।
जिले में 834 सरकारी तालाब उपलब्ध हैं और लगभग 23.30 टीएमटी मछली उत्पादन किया जा रहा है। बिहपुर और कहलगांव में हैचरी का निर्माण किया गया है जबकि बिहपुर में रिक्रिएशन फिश पार्क भी विकसित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
पंचायतों में बढ़ रहा आधारभूत विकास
पंचायती राज विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले में 86 पंचायत सरकार भवन संचालित हैं जबकि 126 भवनों का निर्माण कार्य जारी है।
इसके अलावा लगभग 25 हजार सोलर लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। आरटीपीएस रैंकिंग में भागलपुर का पहला स्थान प्राप्त करना भी प्रशासन की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया।
महिलाओं के सशक्तिकरण में जीविका की बड़ी भूमिका
बैठक में जीविका कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या 3.30 लाख से बढ़कर 5.21 लाख हो गई है।
इन महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जीविका दीदी की रसोई जैसी योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारी
संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष 187 राहत शिविर संचालित किए गए थे और 1.33 लाख प्रभावित लोगों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई थी।
जिले में 501 आपदा मित्र और 261 प्रशिक्षित गोताखोर उपलब्ध हैं। इसके अलावा 76 वाटर टैंकर और 41 प्रकार की आवश्यक दवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को उठाया।
सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं और जनहित के मुद्दों को समिति के समक्ष रखा तथा त्वरित समाधान की मांग की।
प्रभारी मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि जिले में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों और समिति सदस्यों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाए।
उन्होंने कहा कि भागलपुर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यदि कोई महत्वपूर्ण योजना उच्च स्तर पर लंबित है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
प्रभारी मंत्री ने यह भी कहा कि जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (20 सूत्री) सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक के समापन के साथ यह संदेश दिया गया कि भागलपुर को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।


