शराबबंदी के बावजूद बिहार में 1.35 करोड़ की विदेशी शराब की खेप पकड़ी गई! हरियाणा से मुजफ्फरपुर जा रहा था ट्रक

आरा/भोजपुर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। ताजा मामले में भोजपुर जिले में मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा से लाई जा रही करोड़ों रुपये की विदेशी शराब की खेप को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दूसरे राज्यों से शराब की इतनी बड़ी खेप बिहार तक कैसे पहुंच रही है।

जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 को सहायक आयुक्त मद्यनिषेध रजनीश को गुप्त सूचना मिली थी कि हरियाणा से एक ट्रक में भारी मात्रा में विदेशी शराब बिहार लाई जा रही है। सूचना मिलते ही मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग भोजपुर और राज्य नियंत्रण ब्यूरो पटना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।

महुरही ओवरब्रिज के पास पकड़ा गया ट्रक

संयुक्त टीम ने मोहनिया-आरा फोरलेन पर धनगाई थाना क्षेत्र के महुरही ओवरब्रिज के पास विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध महिंद्रा ब्लाजो ट्रक (PB10JP-9177) को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद हुई।

अधिकारियों के मुताबिक जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शराब की यह खेप हरियाणा से बिहार के मुजफ्फरपुर ले जाई जा रही थी।

हरियाणा के दो तस्कर गिरफ्तार

मौके से ट्रक चालक अमनदीप सिंह (पिता मलकीत सिंह, करनाल, हरियाणा) और जरनैल सिंह (पिता हाकीम सिंह, निवासी शरीफगढ़, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शराबबंदी पर फिर उठे सवाल

बिहार में शराबबंदी लागू हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आए दिन करोड़ों रुपये की शराब की खेप पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि सीमावर्ती राज्यों से शराब तस्करी का नेटवर्क अब भी कैसे सक्रिय है और इतनी बड़ी खेपें राज्य की सीमा तक पहुंचने में कैसे सफल हो जाती हैं।

अभियान रहेगा जारी

मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए लगातार छापेमारी और वाहन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अनिल कुमार, एएसआई धीरज कुमार सिंह, एएसआई मदन लाल यादव समेत मद्यनिषेध विभाग, सैप और होमगार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुजफ्फरपुर में शराब की यह खेप किसके पास पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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