बिहार के हर पंचायत में होगी क्लर्क की नियुक्ति! जमीन से जुड़े काम अब गांव में ही होंगे, 8054 नई भर्तियों की तैयारी

पटना: बिहार सरकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब राज्य की प्रत्येक पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर सह क्लर्क की नियुक्ति की जाएगी, जिससे जमीन और राजस्व से जुड़े अधिकांश कार्य पंचायत स्तर पर ही निपटाए जा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को प्रखंड और जिला मुख्यालय के चक्कर से राहत दिलाना तथा सेवाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार डिजिटल व्यवस्था को मजबूत कर राजस्व सेवाओं को सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अब गांव में ही होंगे जमीन से जुड़े कई काम

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दरभंगा और शेखपुरा जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटर सह क्लर्क की नियुक्ति होने के बाद लोगों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी समेत कई ऑनलाइन सेवाओं के लिए प्रखंड कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा विभागीय कामकाज में भी तेजी आएगी।

8054 राजस्व कर्मियों की होगी नियुक्ति

राजस्व विभाग में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने 8054 राजस्व कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेज दिया है।

मंत्री ने उम्मीद जताई कि नई नियुक्तियों के बाद लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और जमीन से जुड़े विवादों के समाधान में भी सुधार होगा।

अतिक्रमण हटाने पर सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों को लेकर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा

डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिनों के बाद जिलों के कार्यों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन जिलों या अधिकारियों के प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं दिखेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को बेहतर और समय पर सेवाएं मिलें।

कई योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। इनमें शामिल हैं:

  • अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
  • सरकारी भूमि की सुरक्षा
  • दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन
  • परिमार्जन प्लस
  • ई-मापी सेवा
  • अभियान बसेरा-2
  • राजस्व महाअभियान
  • लोक शिकायत निवारण
  • आरसीएमएस न्यायालयों में लंबित मामले

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन हो।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

विभागीय सचिव जय सिंह ने भी अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि राजस्व सेवाएं आम लोगों तक सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचें।

माना जा रहा है कि पंचायत स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटर सह क्लर्क की नियुक्ति और डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने के बाद बिहार में भूमि एवं राजस्व प्रशासन पहले से अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

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