
रोहतास। बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस सेवा में शामिल होकर खाकी पहनने का सपना देखने वाले एक युवा प्रशिक्षु कांस्टेबल की ट्रेनिंग के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मृतक जवान की पहचान समस्तीपुर जिले के चांदपुर धमौन गांव निवासी श्रीराम कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार पुलिस में भर्ती होने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी)-2 प्रशिक्षण केंद्र में नियमित प्रशिक्षण अभ्यास चल रहा था। इसी दौरान भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच अचानक पांच प्रशिक्षु कांस्टेबलों की तबीयत बिगड़ गई। प्रशिक्षण के दौरान सभी जवान बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों और प्रशिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद सभी प्रशिक्षु जवानों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से श्रीराम कुमार की हालत सबसे ज्यादा गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
श्रीराम कुमार की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग इस खबर को सुनकर स्तब्ध रह गए। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि श्रीराम कुमार ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद पुलिस सेवा में जगह बनाई थी। परिवार और गांव के लोगों को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन खाकी वर्दी पहनकर सेवा करने का उनका सपना अधूरा ही रह गया।
रोहतास के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने प्रशिक्षु जवान की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पांच प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ गई थी, जिनमें से एक जवान की पटना एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य चार प्रशिक्षुओं का इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में कराया गया और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण प्रशिक्षु जवान की तबीयत बिगड़ी होगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
बिहार में इस समय गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग पहले ही लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे चुका है। ऐसे में खुले मैदानों में होने वाले शारीरिक प्रशिक्षण और अभ्यास गतिविधियों को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
जानकारों का कहना है कि अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक शारीरिक गतिविधियां करने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यदि पर्याप्त पानी, आराम और चिकित्सकीय निगरानी की व्यवस्था नहीं हो तो लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर नए प्रशिक्षुओं पर इसका असर अधिक पड़ सकता है क्योंकि वे कठिन प्रशिक्षण के दौर से गुजर रहे होते हैं।
घटना के बाद पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में गर्मी से बचाव के इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए ताकि जवानों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अत्यधिक गर्मी के समय प्रशिक्षण की अवधि कम की जाए और सुबह या शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में अभ्यास कराया जाए।
श्रीराम कुमार का पार्थिव शरीर पटना से डेहरी-ऑन-सोन लाया गया, जहां जिला पुलिस लाइन में उन्हें सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने दिवंगत जवान के प्रति संवेदना व्यक्त की।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिया गया ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके। पुलिस विभाग की ओर से परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया। अंतिम संस्कार के लिए जब पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।
गांव के लोगों ने बताया कि श्रीराम कुमार बचपन से ही अनुशासित और मेहनती स्वभाव के थे। पुलिस सेवा में भर्ती होना उनका सपना था और उन्होंने इसे पूरा करने के लिए वर्षों तक तैयारी की थी। चयन होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था और सभी को उम्मीद थी कि वह भविष्य में परिवार और गांव का नाम रोशन करेंगे। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर गर्मी के मौसम में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और लगातार पड़ रही लू को देखते हुए सरकारी संस्थानों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य कार्यस्थलों पर विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रशिक्षु जवान की मौत का वास्तविक कारण क्या था। लेकिन एक बात तय है कि बिहार पुलिस का हिस्सा बनने का सपना लेकर प्रशिक्षण मैदान में पहुंचे एक युवा की असमय मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और उसके परिवार के साथ-साथ पूरे पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया है।


