
पटना। राजधानी पटना में यातायात नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। वर्षों से लंबित चालान का भुगतान नहीं करने वाले हजारों वाहन मालिकों पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पटना जिला परिवहन कार्यालय ने 12 हजार वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन वाहनों की आरसी ब्लैकलिस्ट हो चुकी है, वे अब कानूनी रूप से सड़क पर नहीं चल सकते। यदि ऐसे वाहन सड़कों पर पाए जाते हैं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
यह कार्रवाई उन वाहन मालिकों के खिलाफ की गई है जिन्होंने बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद अपने लंबित चालान का भुगतान नहीं किया। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में हजारों अन्य वाहनों को भी ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
वर्षों से लंबित थे चालान
जानकारी के अनुसार पटना जिला परिवहन कार्यालय ने ऐसे वाहनों की पहचान की थी जिन पर पांच या उससे अधिक चालान लंबित थे। जांच में सामने आया कि कई वाहन मालिकों ने वर्ष 2020 से अब तक जारी चालानों का भुगतान नहीं किया था। इसके बाद विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों का डेटा तैयार किया।
शुरुआती जांच में करीब 35 हजार वाहनों को चिह्नित किया गया था। इन सभी वाहन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर बकाया चालान जमा करने का अवसर दिया गया। विभाग ने कई चरणों में उन्हें सूचना भेजी और भुगतान करने की समयसीमा भी तय की।
अधिकारियों के अनुसार नोटिस मिलने के बाद लगभग 10 हजार वाहन मालिकों ने अपने चालान का भुगतान कर दिया। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जिन्होंने चेतावनी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 12 हजार वाहनों की आरसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
क्या होती है ब्लैकलिस्ट आरसी?
परिवहन विभाग के अनुसार किसी वाहन की आरसी ब्लैकलिस्ट होने का मतलब है कि वाहन की वैधता पर प्रशासनिक रोक लग गई है। ऐसे वाहन का रिकॉर्ड परिवहन विभाग की निगरानी सूची में शामिल कर लिया जाता है।
जब तक वाहन मालिक अपने सभी लंबित चालानों का भुगतान नहीं करता, तब तक आरसी से ब्लैकलिस्ट का दर्जा नहीं हटाया जाएगा। इस दौरान वाहन का उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग का कहना है कि ब्लैकलिस्टिंग का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना है। लगातार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।
सड़क पर दिखी गाड़ी तो लगेगा पांच हजार जुर्माना
परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकलिस्ट आरसी वाले वाहन यदि सड़क पर चलते हुए पाए जाते हैं तो उन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसे बिना वैध आरसी के वाहन चलाने की श्रेणी में माना जाएगा।
इसके अलावा वाहन को मौके पर जब्त भी किया जा सकता है। विभाग ने इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस को ब्लैकलिस्ट वाहनों की सूची उपलब्ध करा दी गई है ताकि जांच अभियान के दौरान उन्हें आसानी से चिन्हित किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक डिजिटल प्रणाली के जरिए अब ऐसे वाहनों की पहचान करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
ट्रैफिक पुलिस को भेजी गई सूची
पटना जिला परिवहन कार्यालय द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए वाहनों का पूरा विवरण ट्रैफिक पुलिस के साथ साझा किया गया है। इससे शहर के विभिन्न चौराहों, जांच चौकियों और विशेष अभियान के दौरान इन वाहनों की पहचान तत्काल की जा सकेगी।
ट्रैफिक पुलिस अब ऐसे वाहनों पर विशेष नजर रख रही है। कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली और ई-चालान नेटवर्क के माध्यम से भी इनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि इससे यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और लोग समय पर चालान जमा करने के लिए प्रेरित होंगे।
एक वाहन पर थे 23 लंबित चालान
हाल ही में पटना यातायात पुलिस की जांच के दौरान एक ऐसा वाहन पकड़ा गया जिस पर 23 चालान लंबित पाए गए। वाहन चालक ने लंबे समय से किसी भी चालान का भुगतान नहीं किया था।
नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन को तत्काल जब्त कर लिया गया। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अब नियमों की अनदेखी करने वालों के प्रति नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि कई वाहन मालिक बार-बार नियम तोड़ते हैं लेकिन चालान भरने से बचते रहते हैं। ऐसे मामलों में अब कठोर कार्रवाई की जाएगी।
13 हजार और वाहनों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी भी करीब 13 हजार ऐसे वाहन हैं जिनके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। यदि इन वाहन मालिकों ने जल्द चालान जमा नहीं किया तो उनकी आरसी भी ब्लैकलिस्ट कर दी जाएगी।
विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहन से संबंधित सभी लंबित चालानों की जानकारी प्राप्त करें और समय पर भुगतान करें। इससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सकता है।
ई-चालान व्यवस्था से बढ़ी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-चालान प्रणाली लागू होने के बाद यातायात नियमों की निगरानी अधिक प्रभावी हुई है। अब सीसीटीवी कैमरों, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए नियम तोड़ने वालों को आसानी से चिन्हित किया जा रहा है।
यही कारण है कि वर्षों तक लंबित चालानों का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध है और अब उसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
नियमों का पालन नहीं किया तो होगी सख्ती
परिवहन विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने और चालान जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कुल मिलाकर पटना में शुरू हुई यह कार्रवाई वाहन मालिकों के लिए स्पष्ट संदेश है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। समय पर चालान का भुगतान नहीं करने वालों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, बल्कि उनकी गाड़ी भी जब्त हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए बेहतर होगा कि वे अपने लंबित चालानों का निपटारा जल्द से जल्द कर लें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।


