
पटना: अगर आपने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अब ₹20 हजार से लेकर ₹75 हजार तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह सहायता ‘बिहार इंटर छात्रवृत्ति विद्याधन योजना’ के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
दरअसल, राज्य में हर साल हजारों छात्र आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार और सरोजनी दामोदरन फाउंडेशन की संयुक्त पहल के तहत यह योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उनके सपनों को नई उड़ान देना है।
योजना के तहत बिहार बोर्ड से 10वीं पास वे छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों और जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम हो। वहीं दिव्यांग छात्रों के लिए न्यूनतम अंक सीमा 65 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
चयनित छात्रों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान लगातार दो वर्षों तक हर साल ₹10-10 हजार की छात्रवृत्ति मिलेगी। यानी इंटर की पढ़ाई के लिए कुल ₹20 हजार की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, डिग्री और अन्य प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों को ₹25 हजार से लेकर ₹75 हजार तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और स्कूलों को पात्र छात्रों तक योजना की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा और चयन ऑनलाइन टेस्ट व इंटरव्यू के आधार पर होगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- 10वीं की मार्कशीट
- आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक खाते की जानकारी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ईमेल आईडी
- मोबाइल नंबर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार के हजारों मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिससे आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बनेगा।


