
पटना। बिहार के तकनीकी शिक्षा जगत के लिए गर्व का एक और अवसर सामने आया है। राजधानी पटना स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक, गुलजारबाग के छात्र आशीष राजवंश ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छठे सेमेस्टर के छात्र आशीष का चयन चीन के शंघाई शहर में आयोजित होने वाली विश्वस्तरीय स्किल्स प्रतियोगिता के लिए किया गया है। यह प्रतियोगिता आगामी 22 सितंबर को आयोजित होगी, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों से चुनिंदा प्रतिभागी अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
आशीष राजवंश इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस से संबंधित अपने विशेष मॉडल और तकनीकी ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके चयन की खबर सामने आते ही पूरे संस्थान, शिक्षकों, छात्रों और परिवारजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह उपलब्धि न केवल आशीष के लिए बल्कि बिहार की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था और राज्य के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
आशीष के चयन पर बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह बिहार और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि राज्य के एक सरकारी तकनीकी संस्थान का छात्र विश्वस्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा। मंत्री ने कहा कि इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि बिहार के सरकारी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है।
मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही दिशा, उचित प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। आशीष की सफलता इसी बात का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आशीष प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम और ऊंचा करेंगे।
राजकीय पॉलीटेक्निक, गुलजारबाग के प्राचार्य डॉ. रामनाथ चौधरी ने भी आशीष की उपलब्धि पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि आशीष संस्थान के सबसे प्रतिभाशाली छात्रों में से एक हैं और उन्हें संस्थान का “ब्राइट स्टार” कहा जाता है। डॉ. चौधरी के अनुसार, आशीष ने अपने शैक्षणिक जीवन में हमेशा अनुशासन, मेहनत और तकनीकी कौशल का परिचय दिया है। उनकी सफलता के पीछे उनकी लगन, समर्पण और शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि संस्थान लगातार छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी परियोजनाओं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है। इसी का परिणाम है कि यहां के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आशीष की उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
आशीष राजवंश का यह सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने विभिन्न स्तरों की तकनीकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपने कौशल को लगातार निखारा है। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस श्रेणी में उन्होंने पहले भुवनेश्वर में आयोजित राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इन उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर आशीष का चयन जीएमआर एयरो स्कूल ऑफ एविएशन में उन्नत प्रशिक्षण और मूल्यांकन के लिए किया गया। यहां उन्होंने एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और विमानन तकनीक के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञों की देखरेख में हुए इस प्रशिक्षण ने उनकी तकनीकी समझ को और मजबूत बनाया, जिसका लाभ उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के चयन में मिला।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस आज के समय में विमानन उद्योग का एक बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। किसी भी विमान की सुरक्षा और सुचारू संचालन उसके रखरखाव पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र में दक्ष तकनीशियनों की मांग पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बिहार के एक छात्र का इस श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
शंघाई में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागी अपनी तकनीकी क्षमता, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान का प्रदर्शन करेंगे। इस मंच पर चयनित होना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। आशीष को उम्मीद है कि वह अपनी मेहनत और तैयारी के दम पर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और भारत को सम्मान दिलाएंगे।
आशीष की सफलता ने यह भी साबित कर दिया है कि संसाधनों की सीमाएं प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। यदि छात्र लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें और उन्हें संस्थान का सहयोग मिले, तो वे किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। उनकी उपलब्धि बिहार के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
राजकीय पॉलीटेक्निक, गुलजारबाग के छात्र और शिक्षक भी आशीष की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि शंघाई में आयोजित प्रतियोगिता में वह उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और बिहार के साथ-साथ पूरे भारत का नाम विश्व मंच पर रोशन करेंगे।
आने वाले महीनों में आशीष अपनी तैयारी को और मजबूत करने में जुटेंगे। विशेषज्ञ प्रशिक्षण, तकनीकी अभ्यास और परियोजना प्रस्तुति के माध्यम से वह प्रतियोगिता के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। अब पूरे बिहार की निगाहें इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं, जो सितंबर में चीन के शंघाई में भारत की तकनीकी क्षमता और युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करने जा रहा है।


