बिहार पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल, 8 आईपीएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

पटना: बिहार सरकार ने राज्य पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के आठ वरिष्ठ अधिकारियों के पदस्थापन और जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल को पुलिस व्यवस्था में बेहतर समन्वय, अपराध नियंत्रण, तकनीकी मजबूती और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत कई अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त करने के साथ-साथ कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे पुलिस विभाग के विभिन्न विंगों में कार्यों के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। खास तौर पर अपराध अनुसंधान, रेलवे सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक गतिविधियों, विशेष सशस्त्र पुलिस और मद्य निषेध से जुड़े विभागों में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सबसे प्रमुख बदलावों में पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों की नई तैनाती शामिल है। नागरिक सुरक्षा विभाग में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत पंकज कुमार राज को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) का नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें रेलवे पुलिस महानिरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ राज्य के अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मिलेगा।

इसी क्रम में तकनीकी सेवाएं एवं संचार विभाग की पुलिस महानिरीक्षक एस. प्रेमलथा को मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को और अधिक गति देने के उद्देश्य से यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है। विभागीय जानकारों का मानना है कि तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव रखने वाली अधिकारी के नेतृत्व में इस इकाई की कार्यक्षमता में वृद्धि हो सकती है।

विशेष शाखा में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत संजय कुमार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सुरक्षा संबंधी मामलों और विशेष अभियानों में उनकी भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है। अब विशेष सशस्त्र पुलिस की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके दायित्व और भी बढ़ गए हैं।

राज्य सरकार ने पुलिस उप-महानिरीक्षक स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए हैं। गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएं विभाग में कार्यरत सुधीर कुमार पोरिका को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो का पुलिस उप-महानिरीक्षक बनाया गया है। एससीआरबी राज्य में अपराध संबंधी आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में उनकी नई जिम्मेदारी को विभागीय दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-5, पटना का समादेष्टा नियुक्त किया गया है। लंबे समय से रिक्त महत्वपूर्ण पद पर उनकी नियुक्ति से विशेष सशस्त्र पुलिस इकाई की प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश के तहत पुलिस उप-महानिरीक्षक (यातायात) सुशांत कुमार सरोज को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) का पुलिस उप-महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। हालांकि वे यातायात विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। राज्य में सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद विरोधी अभियानों को देखते हुए यह जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोहरी जिम्मेदारी मिलने से उनके अनुभव का उपयोग दोनों विभागों में किया जा सकेगा।

वहीं बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में पुलिस उप-महानिरीक्षक के पद पर तैनात दीपक रंजन को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की डकैती निरोध शाखा का पुलिस उप-महानिरीक्षक बनाया गया है। राज्य में संगठित अपराधों और डकैती जैसी गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सीआईडी की यह शाखा विशेष भूमिका निभाती है। उनकी नियुक्ति से जांच और अपराध नियंत्रण गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा विशेष सुरक्षा दल में समादेष्टा के रूप में कार्यरत मनीष कुमार सिन्हा को अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा का समादेष्टा नियुक्त किया गया है। वहीं बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-5 के समादेष्टा अजय कुमार को विशेष सुरक्षा दल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन दोनों अधिकारियों की नई तैनाती को सुरक्षा व्यवस्था के पुनर्गठन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे तबादले पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करते हैं। इससे अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव मिलता है और विभागीय कार्यों में नई ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही नई चुनौतियों के अनुरूप रणनीति बनाने और कार्य निष्पादन में भी सुधार देखने को मिलता है।

बिहार सरकार द्वारा किया गया यह ताजा फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया को तेज करने तथा तकनीकी रूप से पुलिस तंत्र को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस विभाग में हुए इन बदलावों के बाद संबंधित इकाइयों में नई कार्यशैली और बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है।

गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के साथ ही सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन नियुक्तियों का प्रभाव विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर देखने को मिल सकता है। सरकार का मानना है कि योग्य अधिकारियों को उनकी क्षमता और अनुभव के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपकर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।

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