भागलपुर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आंगनबाड़ी लाभ के नाम पर APK फाइल भेजकर बैंक खाते खाली करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

भागलपुर: बिहार में साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे लोगों के लिए लगातार खतरा बनते जा रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधी अब मोबाइल हैकिंग और फर्जी एप्लिकेशन फाइलों का सहारा लेकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ा रहे हैं। इसी तरह के एक बड़े साइबर ठगी मामले का खुलासा करते हुए भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह आंगनबाड़ी योजना से मिलने वाले लाभ का झांसा देकर लोगों को APK फाइल भेजता था और उनके मोबाइल फोन को नियंत्रित कर UPI के माध्यम से बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देश पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में लगातार तकनीकी जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर थाना भागलपुर को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया कि पीरपैंती थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति को आंगनबाड़ी योजना से लाभ मिलने का प्रलोभन दिया गया। शिकायतकर्ता को एक APK फाइल भेजी गई और फोन कॉल के जरिए उसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने फाइल डाउनलोड की, साइबर अपराधियों ने मोबाइल फोन तक पहुंच बना ली और उसके बैंक खाते से 80 हजार रुपये की निकासी कर ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना में 10 अप्रैल 2026 को कांड संख्या 27/26 दर्ज किया गया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम को तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल डेटा विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई दिनों तक चली जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल सुराग मिले, जिनके आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को भरोसे में लेते थे। आंगनबाड़ी लाभ, सरकारी सहायता राशि और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का हवाला देकर लोगों को APK फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था। यह फाइल वास्तव में एक दुर्भावनापूर्ण एप्लिकेशन होती थी, जो मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद साइबर अपराधियों को फोन का एक्सेस उपलब्ध करा देती थी। इसके जरिए वे बैंकिंग ऐप, OTP, UPI और अन्य वित्तीय जानकारियों तक पहुंच बना लेते थे। इसके बाद खाते से रकम निकाल ली जाती थी।

भागलपुर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आंगनबाड़ी लाभ के नाम पर APK फाइल भेजकर बैंक खाते खाली करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन और डिजिटल गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने बांका जिले में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान गिरोह के मुख्य सरगना पीतांबर कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बांका जिले के जमदाहा थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किए।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन मोबाइल फोन का उपयोग साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने में किया जाता था। बरामद मोबाइलों का फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह केवल एक जिले तक सीमित नहीं हो सकता। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने बिहार के अन्य जिलों या दूसरे राज्यों में भी लोगों को अपना निशाना बनाया था या नहीं। साइबर थाना की टीम गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में APK फाइल आधारित साइबर ठगी तेजी से बढ़ रही है। सामान्यतः मोबाइल उपयोगकर्ता किसी भी फाइल या लिंक को बिना जांचे-परखे डाउनलोड कर लेते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। सरकारी योजना, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, रोजगार या आर्थिक सहायता के नाम पर भेजी जाने वाली फाइलों से विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए और न ही मोबाइल में इंस्टॉल करना चाहिए।

भागलपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एप्लिकेशन या फाइल पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर APK फाइल भेजता है या बैंकिंग संबंधी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी की आशंका होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

इस कार्रवाई को भागलपुर साइबर थाना की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और तकनीक का दुरुपयोग कर आम लोगों की मेहनत की कमाई लूटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।

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