
भागलपुर। भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। अपने साले को ट्रेन पकड़वाने के लिए बाइक से भागलपुर स्टेशन जा रहे एक व्यक्ति की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उसका साला गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घायल सड़क किनारे तड़पते रहे और समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला।
मृतक की पहचान तमौनी शाहपुर निवासी मोहम्मद नजीर उर्फ गुड्डू (50) के रूप में हुई है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद शमी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। दोनों के बीच साला-बहनोई का रिश्ता था और शुक्रवार सुबह दोनों एक जरूरी यात्रा के लिए घर से निकले थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर परिवार के लिए इतना दुखद साबित होगा।
स्टेशन छोड़ने निकले थे, रास्ते में हो गया हादसा
परिजनों के अनुसार मोहम्मद शमी को पटना जाना था और इसके लिए उन्हें भागलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचना था। मोहम्मद नजीर अपने साले को ट्रेन पकड़वाने के लिए बाइक से स्टेशन छोड़ने जा रहे थे।
सुबह का समय होने के कारण दोनों जल्दी निकल गए थे ताकि समय से स्टेशन पहुंच सकें। लेकिन जैसे ही वे हबीबपुर थाना क्षेत्र के गौराचक्की के समीप पहुंचे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और दोनों सवार दूर जाकर गिरे। दुर्घटना के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
सड़क पर तड़पते रहे घायल
हादसे के बाद कुछ समय तक दोनों घायल सड़क किनारे पड़े रहे। आसपास मौजूद लोगों ने जब घटना देखी तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद करने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद दोनों की हालत बेहद गंभीर थी। वे दर्द से कराह रहे थे और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। लोगों ने उनके मोबाइल फोन की मदद से परिजनों का नंबर खोजा और घटना की सूचना परिवार तक पहुंचाई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन घबराए हुए मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे अपने परिजनों को घायल अवस्था में देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए।
एम्बुलेंस की देरी पर लोगों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गंभीर स्थिति होने के बावजूद एम्बुलेंस के आने में काफी देर हुई, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाए तो कई बार जान बचाई जा सकती है।
हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पुलिस ने पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद हबीबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) भेजा।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने दोनों का प्राथमिक परीक्षण किया। लेकिन मोहम्मद नजीर की हालत अत्यंत गंभीर थी। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर मोहम्मद शमी को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
बेटे ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
मृतक के पुत्र मोहम्मद गुलजार ने बताया कि उनके पिता हमेशा परिवार के लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे। शुक्रवार को भी वे अपने साले को स्टेशन छोड़ने के लिए निकले थे।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां दोनों सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े हुए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उनके पिता को मृत घोषित कर दिया।
गुलजार ने कहा कि परिवार को इस हादसे से गहरा सदमा लगा है। घर में मातम का माहौल है और सभी लोग इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध हैं।
परिवार में मचा कोहराम
मोहम्मद नजीर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए घर पहुंच रहे हैं।
पड़ोसियों के अनुसार मोहम्मद नजीर मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के लोगों ने बताया कि वे कभी नहीं सोच सकते थे कि एक सामान्य यात्रा इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।
अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस
हबीबपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दुर्घटना करने वाले वाहन का पता लगाया जा सकता है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन किस दिशा से आया था और दुर्घटना के बाद किस मार्ग से फरार हुआ। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं बनी चिंता
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही से वाहन चलाना ऐसे हादसों के प्रमुख कारण हैं।
सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सख्त यातायात निगरानी, जागरूकता अभियान और त्वरित आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था आवश्यक है।
एक परिवार की खुशियां छीन ले गया हादसा
गौराचक्की के समीप हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की अहमियत को सामने लाता है। एक बहनोई अपने साले को ट्रेन पकड़वाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह वापस अपने घर नहीं लौट सका।
मोहम्मद नजीर की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है, जबकि घायल मोहम्मद शमी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। पुलिस की जांच जारी है और परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


