विश्व पर्यावरण दिवस पर पीरपैंती में ‘रन फॉर पीरपैंती’ का आयोजन, 250 से अधिक लोगों ने दिया हरित भविष्य का संदेश

भागलपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अडानी फाउंडेशन, पीरपैंती की ओर से आयोजित “रन फॉर पीरपैंती” कार्यक्रम में 250 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया, बल्कि युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को हरित विकास के लिए एकजुट होने का अवसर भी प्रदान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वातावरण और हरित विकास के लिए सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन का समापन वृक्षारोपण के साथ हुआ, जिसने इस अभियान को और अधिक सार्थक बना दिया।

प्रखंड कार्यालय से शुरू हुई जागरूकता दौड़

“रन फॉर पीरपैंती” कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड कार्यालय, पीरपैंती से की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतिभागी निर्धारित स्थल पर पहुंचने लगे थे। युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों के सदस्यों में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

दौड़ शुरू होने से पहले प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें यह संदेश दिया गया कि प्रकृति को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के नारों के साथ दौड़ में हिस्सा लिया।

दौड़ पीरपैंती के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए रेफरल अस्पताल तक पहुंची। पूरे रास्ते लोगों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कई स्थानों पर स्थानीय नागरिक भी इस अभियान का हिस्सा बनते दिखाई दिए।

पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल दौड़ आयोजित करना नहीं था, बल्कि लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं और इन्हें नजरअंदाज करना आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन ने पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित किया है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने यह संदेश भी दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि लोग अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करें तो बड़े बदलाव संभव हैं।

वृक्षारोपण के साथ हुआ समापन

रेफरल अस्पताल परिसर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का समापन वृक्षारोपण अभियान के साथ किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने मिलकर पौधे लगाए तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायक होते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इसके अलावा वे मिट्टी संरक्षण, जल संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

युवाओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र

“रन फॉर पीरपैंती” कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवा स्वयंसेवकों ने दौड़ में हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए।

कई प्रतिभागियों ने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले तो वे पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चला सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम में शामिल स्थानीय नागरिकों ने अडानी फाउंडेशन द्वारा किए गए इस आयोजन की सराहना की। लोगों का कहना था कि पीरपैंती में पर्यावरण जागरूकता को लेकर इस प्रकार का व्यापक आयोजन पहली बार देखने को मिला है।

स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर प्रदान करते हैं। कई लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

जलवायु परिवर्तन के दौर में बढ़ी जागरूकता की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा, बाढ़, सूखा और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसके प्रभावों को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।

ऐसे समय में जन-जागरूकता अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। “रन फॉर पीरपैंती” जैसे कार्यक्रम लोगों को यह समझाने में मदद करते हैं कि पर्यावरण संरक्षण केवल वैज्ञानिकों या सरकारों का विषय नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग और स्वच्छता जैसे छोटे कदम भी पर्यावरण सुधार में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रखंड प्रमुख रश्मि कुमारी, विधायक प्रतिनिधि रंजीत पासवान, प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार, अंचल अधिकारी चंद्रशेखर कुमार, 20 सूत्री अध्यक्ष हरिराम शर्मा तथा माणिकपुर के मुखिया अरविंद शाह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

सभी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित “रन फॉर पीरपैंती” केवल एक दौड़ नहीं थी, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बनकर सामने आई। 250 से अधिक लोगों की भागीदारी ने यह साबित किया कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग इस दिशा में योगदान देने के लिए तैयार हैं।

अडानी फाउंडेशन की इस पहल ने पीरपैंती क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। वृक्षारोपण, जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। यदि इसी प्रकार समाज, प्रशासन और संस्थाएं मिलकर कार्य करें तो हरित और स्वच्छ भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।

  • ये भी पढ़े..

    ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं पर अब होगी ऑनलाइन नजर, सीजीआरएम पोर्टल से शिकायतों का होगा त्वरित समाधान

    Share Add as a preferred…

    विश्व पर्यावरण दिवस पर कला एवं संस्कृति विभाग का हरित संदेश, राज्यभर के संस्थानों में चला व्यापक पौधारोपण अभियान

    Share Add as a preferred…