कांग्रेस की संगठन सृजन बैठक में हंगामा, नेताओं के बीच मंच से ही हुई तीखी नोकझोंक

कटिहार: कांग्रेस की संगठन सृजन बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मंच से ही तीखी बहस शुरू हो गई। संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में कांग्रेस नेताओं के बीच खुलकर मतभेद सामने आए, जिससे कार्यक्रम का माहौल गरमा गया।

संगठनात्मक बैठक में बढ़ा तनाव

राजेंद्र आश्रम में आयोजित बैठक में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की मौजूदगी में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) नेता डॉ. शकील अहमद खान अपने संबोधन में पार्टी संगठन और स्थानीय नेतृत्व को लेकर विचार रख रहे थे।

इसी दौरान उनके एक बयान पर कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

बयान पर भड़के नेता और कार्यकर्ता

बैठक में मौजूद नेताओं का आरोप है कि डॉ. शकील अहमद खान ने कटिहार सांसद तारिक अनवर और मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद सिंह को लेकर टिप्पणी की, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।

देखते ही देखते बैठक में शोर-शराबा शुरू हो गया और नेताओं के बीच तीखी बहस होने लगी। कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की, जिससे बैठक का माहौल काफी देर तक गर्म रहा।

युवा नेताओं ने जताई नाराजगी

युवा कांग्रेस नेता राजी इमाम और कांग्रेस कार्यकर्ता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने डॉ. शकील अहमद खान की कथित टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान और बाद में भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की तथा पार्टी नेतृत्व से मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष ने विवाद से किया इनकार

बैठक में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है।

राजेश राम के मुताबिक, विभिन्न नेताओं ने अपने-अपने तरीके से सुझाव और विचार रखे हैं और इसे किसी बड़े विवाद या टकराव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

गुटबाजी की चर्चा फिर तेज

हालांकि प्रदेश नेतृत्व ने मामले को सामान्य बताने की कोशिश की, लेकिन बैठक में जिस तरह खुलकर विरोध और बहस देखने को मिली, उसने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और संगठनात्मक चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद के बीच इस तरह की घटनाएं पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

संगठन सृजन बैठक में हुए हंगामे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल भी कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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