यात्रियों को बड़ी राहत: भागलपुर-कटिहार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन की सेवा 22 जून तक बढ़ी, सीमांचल आने-जाने वालों को मिलेगा फायदा

भागलपुर। दक्षिण बिहार और सीमांचल क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच चल रही अनारक्षित स्पेशल ट्रेन सेवा को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार 03407/03408 भागलपुर-कटिहार-भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का परिचालन अब 22 जून 2026 तक जारी रहेगा। यह फैसला उन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जो पिछले कई महीनों से इस विशेष ट्रेन सेवा पर निर्भर हैं।

रेलवे के इस निर्णय से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, छात्रों और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र और भागलपुर के बीच नियमित रूप से आवागमन करने वाले लोगों के लिए यह सेवा किसी जीवनरेखा से कम नहीं मानी जा रही है।

विक्रमशिला सेतु पर असर के बाद शुरू हुई थी विशेष ट्रेन

दरअसल, गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी समस्याओं और उसके कारण सड़क यातायात पर पड़े व्यापक प्रभाव के बाद लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी।

विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में से एक माना जाता है। इस पुल के प्रभावित होने के बाद यात्रियों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा था, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे। ऐसे हालात में रेलवे ने लोगों की परेशानी को देखते हुए भागलपुर और कटिहार के बीच विशेष अनारक्षित ट्रेन सेवा शुरू की थी।

इस सेवा को यात्रियों से बेहतर प्रतिक्रिया मिली और कम समय में यह ट्रेन हजारों लोगों की जरूरत बन गई। रेलवे ने पहले इस विशेष ट्रेन का परिचालन 4 जून 2026 तक बढ़ाया था, लेकिन यात्रियों की बढ़ती आवश्यकता और लगातार मिल रहे सकारात्मक फीडबैक को देखते हुए अब इसे 22 जून तक जारी रखने का फैसला किया गया है।

22 जून तक चलेगी ट्रेन सेवा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार 03407 और 03408 नंबर वाली भागलपुर-कटिहार-भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन अपने मौजूदा मार्ग, समय-सारणी और निर्धारित ठहरावों के साथ 22 जून तक संचालित होती रहेगी। इससे उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो रोजाना काम, व्यवसाय, शिक्षा या अन्य कारणों से दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं।

रेलवे का कहना है कि ट्रेन सेवा को जारी रखने का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। जब तक सड़क संपर्क पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक रेलवे यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

कुछ दिनों तक नौगछिया से चलेगी ट्रेन

हालांकि रेलवे ने ट्रेन सेवा जारी रखने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव की भी जानकारी दी है। रेलवे के अनुसार 10 जून 2026 से 16 जून 2026 तक यह स्पेशल ट्रेन अपने पूरे मार्ग पर संचालित नहीं होगी।

इस अवधि के दौरान 03407/03408 भागलपुर-कटिहार-भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन को भागलपुर के बजाय नौगछिया से प्रारंभ और समाप्त किया जाएगा। यानी ट्रेन इन सात दिनों के दौरान नौगछिया से कटिहार और कटिहार से नौगछिया के बीच ही चलेगी।

रेलवे ने इसे अस्थायी व्यवस्था बताया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दैनिक यात्रियों के लिए बनी सहारा

भागलपुर और कटिहार के बीच बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इनमें सरकारी और निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी, छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी, विद्यार्थी, मरीज तथा कृषि कार्यों से जुड़े लोग शामिल हैं।

विशेष ट्रेन शुरू होने के बाद इन यात्रियों को काफी राहत मिली है। अनारक्षित सेवा होने के कारण यात्रियों को तत्काल यात्रा के लिए अतिरिक्त परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। यही कारण है कि यह ट्रेन कम समय में क्षेत्र की सबसे लोकप्रिय सेवाओं में शामिल हो गई है।

दैनिक यात्रियों का कहना है कि यदि यह ट्रेन सेवा नहीं होती तो सड़क मार्ग में आने वाली कठिनाइयों के कारण उनका नियमित आवागमन काफी प्रभावित हो जाता। रेलवे के इस कदम ने हजारों परिवारों की दिनचर्या को सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी मिला लाभ

भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच केवल यात्री ही नहीं बल्कि व्यापारिक गतिविधियां भी बड़े पैमाने पर संचालित होती हैं। कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद तथा अन्य वस्तुएं भागलपुर और दूसरे बाजारों तक पहुंचती हैं।

सड़क संपर्क प्रभावित होने के बाद स्थानीय व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। विशेष ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों को भी काफी सहारा मिला है। छोटे व्यापारियों और किसानों को आवागमन के लिए एक भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने में इस ट्रेन सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि इसके विस्तार की मांग लगातार उठ रही थी।

छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को मिली राहत

कटिहार और भागलपुर के बीच बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त करने के लिए नियमित यात्रा करते हैं। इसके अलावा कई लोग रोजाना नौकरी के लिए दोनों शहरों के बीच आते-जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए यह स्पेशल ट्रेन बेहद उपयोगी साबित हुई है।

अनारक्षित श्रेणी में संचालित होने के कारण यात्रियों को टिकट आरक्षण की चिंता नहीं रहती और वे आसानी से यात्रा कर पाते हैं। रेलवे के इस निर्णय से छात्रों और नौकरीपेशा वर्ग को सबसे अधिक राहत मिलने की संभावना है।

यात्रियों की मांग पर लिया गया फैसला

रेलवे सूत्रों के अनुसार यात्रियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार इस ट्रेन सेवा को जारी रखने की मांग की जा रही थी। विक्रमशिला सेतु से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने मांगों पर गंभीरता से विचार किया और ट्रेन सेवा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

यात्रियों का मानना है कि जब तक सड़क संपर्क पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाता, तब तक इस ट्रेन का संचालन जारी रहना चाहिए। रेलवे भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक निर्णय ले सकता है।

क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रेल कड़ी

भागलपुर-कटिहार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन आज केवल एक अतिरिक्त रेल सेवा नहीं रह गई है, बल्कि यह दक्षिण बिहार और सीमांचल क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी बन चुकी है। विक्रमशिला सेतु से जुड़ी चुनौतियों के बीच इस ट्रेन ने हजारों लोगों को राहत पहुंचाई है।

रेलवे द्वारा 22 जून तक सेवा विस्तार का फैसला यह दर्शाता है कि यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इस ट्रेन सेवा पर लोगों की निर्भरता बनी रहने की संभावना है और क्षेत्र के यात्री रेलवे के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

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