
मुंगेर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद मुंगेर जिले से सामने आए एक वीडियो ने प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सरकारी स्कूल के क्लासरूम के अंदर खुलेआम शराब पार्टी होती दिखाई दे रही है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान विद्यालय का रात्रि प्रहरी (नाइट गार्ड) भी वहां मौजूद नजर आ रहा है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्कूल के क्लासरूम में चली शराब पार्टी
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो असरगंज नगर पंचायत के जलालाबाद स्थित रामानंद परसीराम उच्च माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। वीडियो में चार युवक विद्यालय के एक कमरे में डेस्क-बेंच पर शराब की बोतल रखकर शराब पीते और जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में विद्यालय का रात्रि प्रहरी दिलीप कुमार भी नजर आ रहा है, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
जहां बच्चे पढ़ते हैं, वहीं छलके जाम
यह वही विद्यालय है जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर के अंदर शराब पार्टी का आयोजन होना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खोलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय परिसर असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन जाएगा तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा।
शराबबंदी कानून पर उठे सवाल
बिहार सरकार लंबे समय से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने का दावा करती रही है। ऐसे में सरकारी स्कूल के अंदर शराब सेवन का वीडियो सामने आने के बाद शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल उठने लगे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
जांच में स्कूल परिसर होने की पुष्टि
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कुमार गौरव ने जांच के आदेश दिए। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई और विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने भी अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो विद्यालय परिसर का ही है।
नाइट गार्ड पर कार्रवाई, FIR के आदेश
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीईओ ने विद्यालय प्रबंधन समिति को रात्रि प्रहरी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही वीडियो में दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश भी दिया गया है।
थाने में दिया गया आवेदन
शिक्षा विभाग के निर्देश पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने असरगंज थाना में आवेदन देकर वीडियो में शामिल सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की परिस्थितियों की जांच में जुट गई है।
कई सवालों के घेरे में व्यवस्था
इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—
- स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की एंट्री कैसे हुई?
- शराब पार्टी आयोजित करने की अनुमति किसकी जानकारी में दी गई?
- रात्रि प्रहरी वहां मौजूद था तो उसने इसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की?
- क्या विद्यालय परिसर पहले से भी ऐसी गतिविधियों का केंद्र रहा है?
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोग भी मांग कर रहे हैं कि विद्यालय जैसी पवित्र जगहों का दुरुपयोग करने वालों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


