
बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गई है। महागठबंधन जहां एक से अधिक सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं एनडीए नेताओं का कहना है कि विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।
भगवान सिंह कुशवाहा का विपक्ष पर हमला
बिहार सरकार में मंत्री और Bhagwan Singh Kushwaha ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि विधान परिषद चुनाव में एनडीए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।
“हमारे पास संख्या बल है। ऐसे में विपक्ष दूर-दूर तक लड़ाई में नहीं है। विधान परिषद चुनाव में आम वोटर नहीं, विधायक वोट डालते हैं।”
— Bhagwan Singh Kushwaha
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष ने दावा किया था कि Tejashwi Yadav मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन एनडीए ने भारी बहुमत से सरकार बनाई।
18 जून को होगा मतदान
विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी हो चुका है।
- नामांकन शुरू: 1 जून
- नामांकन की अंतिम तारीख: 8 जून
- मतदान: 18 जून
राजनीतिक समीकरणों के अनुसार 10 में से 9 सीटें एनडीए के खाते में जाती दिख रही हैं, जबकि विपक्ष को एक सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि एनडीए नेता दावा कर रहे हैं कि सभी 10 सीटों पर जीत उनकी होगी।
क्या राज्यसभा जैसा होगा ‘खेला’?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि क्या राज्यसभा चुनाव की तरह इस बार भी विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग हो सकती है।
पिछले राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस दौरान विपक्षी विधायकों के क्रॉस वोटिंग की चर्चा काफी तेज रही थी।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर महागठबंधन पूरी तरह एकजुट नहीं रहा तो विधान परिषद में एक सीट जीतना भी विपक्ष के लिए मुश्किल हो सकता है।
उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी
एनडीए में उम्मीदवारों के चयन को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने दिल्ली में एनडीए नेताओं को भोज देकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है।
सूत्रों के अनुसार—
- Nishant Kumar
- Deepak Prakash
का विधान परिषद जाना लगभग तय माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली में एनडीए नेतृत्व अन्य उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।


