
भागलपुर/बांका, 27 मई 2026: बिहार में लगातार दूसरे दिन आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बांका जिले के बौसी-दुमका मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को घंटों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर मालवाहक ट्रक चालकों के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई, क्योंकि कई वाहन रातभर सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
घटना बौसी-दुमका रोड बायपास के समीप की बताई जा रही है, जहां तेज आंधी और बारिश के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा पेड़ उखड़कर सीधे मुख्य मार्ग पर गिर पड़ा। पेड़ इतना विशाल था कि पूरे रास्ते को पूरी तरह जाम कर दिया। रातभर वाहनों की आवाजाही बंद रही और सुबह तक सड़क पर लंबा जाम लगा रहा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे तक भी सड़क से पेड़ हटाने के लिए कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। कई वाहन चालक घंटों तक सड़क पर फंसे रहे और उन्हें भोजन-पानी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे ट्रक चालकों ने बताया कि वे रात करीब एक बजे से सड़क खुलने का इंतजार कर रहे थे। एक ट्रक चालक ने कहा कि उसके वाहन में जरूरी सामान लोड है और उसे सुपौल तक पहुंचना है, लेकिन सड़क जाम होने के कारण पूरी यात्रा बाधित हो गई। चालक ने बताया कि लंबे इंतजार के कारण समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण इलाके में कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है, जहां कई सड़कों पर पेड़ गिरने के कारण संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं।
बौसी-दुमका मार्ग झारखंड और बिहार को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री वाहन, मालवाहक ट्रक और निजी गाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में सड़क जाम होने से परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा।
जाम के कारण कई बसें और यात्री वाहन भी घंटों तक फंसे रहे। यात्रियों ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। कई लोग जरूरी काम से दूसरे शहरों की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण उन्हें बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि खराब मौसम और सड़क जाम के कारण बाजारों पर भी असर पड़ा है। कई इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मालवाहक वाहनों के फंसने से व्यापारिक गतिविधियां भी धीमी पड़ गई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात में तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई पेड़ जड़ से उखड़ गए। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि तूफान के दौरान लोगों ने घरों में दुबककर रात बिताई और सुबह बाहर निकलने पर सड़क पर भारी तबाही का दृश्य दिखाई दिया।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित सड़कों को जल्द साफ कराया जाए और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत तंत्र को और मजबूत किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत दल पहुंच जाता तो घंटों तक सड़क जाम की स्थिति नहीं रहती।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रशासनिक तैयारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल आंधी और बारिश के दौरान पेड़ गिरने और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने और कमजोर पेड़ों की समय-समय पर पहचान कर उनकी छंटाई या हटाने की प्रक्रिया जरूरी है। कई बार सड़क किनारे खड़े जर्जर पेड़ तेज हवा में गिरकर बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। यदि पहले से सर्वे और रखरखाव हो तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
मौसम विभाग ने भी बिहार के कई जिलों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रह सकता है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय समाजसेवियों ने कहा कि ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। कई बार राहत दलों को दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
जाम में फंसे कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कीं, जिनमें सड़क पर गिरे विशाल पेड़ और लंबी वाहनों की कतारें दिखाई दे रही हैं। कई लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए नाराजगी भी जाहिर की।
इस बीच स्थानीय लोग अपने स्तर पर भी सड़क से पेड़ हटाने की कोशिश करते नजर आए। कुछ लोगों ने कुल्हाड़ी और आरी की मदद से पेड़ की शाखाएं काटने का प्रयास किया, ताकि छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। हालांकि पेड़ बेहद बड़ा होने के कारण मशीनों और प्रशासनिक सहायता के बिना सड़क को पूरी तरह साफ करना संभव नहीं हो सका।
आंधी और बारिश के कारण उत्पन्न इस स्थिति ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था कितनी जरूरी है। फिलहाल लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द राहत कार्य पूरा कर यातायात सामान्य कराया जाएगा ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


