बकरीद से पहले भागलपुर में शाहबाज मिस्बाही की अपील, बोले- गाय की कुर्बानी से बचें और भाईचारे के साथ मनाएं त्योहार

भागलपुर, 27 मई 2026: बकरीद पर्व को लेकर भागलपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के तातारपुर समेत कई इलाकों में बकरा मंडी सज चुकी है, जहां हजारों की संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। इस बीच धार्मिक विद्वान का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने लोगों से गाय की कुर्बानी से बचने की अपील करते हुए कहा कि समाज में शांति, भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है।

मोहम्मद शाहबाज मिस्बाही, जो मदरसा अशरफिया कमलिया अहले सुन्नत बरेपुरा से जुड़े हैं, ने बकरीद के मौके पर लोगों से संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गाय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है, इसलिए समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत न हो।

उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। त्योहारों का उद्देश्य समाज में प्रेम और एकता को मजबूत करना है, न कि किसी प्रकार का विवाद पैदा करना। उन्होंने लोगों से अपील की कि बकरीद के दौरान बकरा, भैंस और दुम्बा जैसे वैकल्पिक पशुओं की कुर्बानी करें और पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।

शाहबाज मिस्बाही ने यह भी कहा कि समाज में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए सभी समुदायों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक त्योहार तभी सफल माने जाते हैं जब वे समाज में भाईचारे और सद्भाव का वातावरण तैयार करें।

अपने बयान में उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग गाय को पूजनीय मानते हैं और उसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इस दिशा में गंभीर विचार किया जाना चाहिए।

भागलपुर में बकरीद को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। तातारपुर, बरारी और अन्य इलाकों में अस्थायी बकरा मंडियां सज गई हैं। यहां 10 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के बकरों की खरीद-फरोख्त हो रही है। व्यापारियों के अनुसार इस बार बाजार में अलग-अलग नस्लों के बकरे पहुंचे हैं और खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बकरीद नजदीक आते ही बाजार में गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। कई लोग पहले से ही अच्छे और आकर्षक बकरों की तलाश में मंडियों का रुख कर रहे हैं। बाजारों में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है।

इधर प्रशासन ने भी बकरीद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। हाल ही में भागलपुर पुलिस द्वारा शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया था, जिसमें अधिकारियों ने लोगों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया था।

समाजसेवियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी लोगों से प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान छोटी-छोटी अफवाहें भी माहौल खराब कर सकती हैं, इसलिए सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

धार्मिक जानकारों का मानना है कि बकरीद त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। इस अवसर पर जरूरतमंदों की मदद करना, आपसी प्रेम बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

स्थानीय नागरिकों ने भी शाहबाज मिस्बाही की अपील का समर्थन किया। कई लोगों का कहना है कि भागलपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं और यही परंपरा आगे भी कायम रहनी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों की ऐसी अपीलें समाज में सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। जब धार्मिक मंचों से शांति और सद्भाव का संदेश दिया जाता है तो उसका असर आम लोगों पर भी दिखाई देता है।

भागलपुर में प्रशासन और पुलिस लगातार धार्मिक नेताओं तथा स्थानीय संगठनों के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

बकरीद के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है। नगर निगम की टीमें बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष अभियान चला रही हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं होता, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी विश्वास को मजबूत करने का अवसर भी होता है। ऐसे में सभी समुदायों को मिलकर शांति और भाईचारे का संदेश देना चाहिए।

भागलपुर में बढ़ती हलचल और बाजारों की रौनक के बीच प्रशासन, धार्मिक संगठनों और समाजसेवियों की अपील यही है कि बकरीद का पर्व पूरी शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाए, ताकि शहर की भाईचारे की पहचान और मजबूत हो सके।

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