
पटना/दरभंगा, 28 मई 2026। बिहार के प्रशासनिक गलियारों के भीतर वित्तीय शुचिता और पारदर्शिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के विनिर्देश पर कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार किया है। दरभंगा जिले के केवटी प्रक्षेत्र में पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रमोहन पासवान के विरुद्ध ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के विलेख में एक अभेद्य कानूनी चक्रव्यूह सक्रिय किया गया है।
ईओयू के मुख्य कमान केंद्र से निर्गत आदेश के आलोक में विशेष जासूसी दस्तों ने बुधवार को बीडीओ के दरभंगा और मधुबनी जिलों में अवस्थित कुल छह अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ औचक छापेमारी (Vigilance Raid) संधारित की। इस प्रखर कार्रवाई के दौरान बीडीओ के आवासीय और व्यावसायिक केबिनों से अकूत बेनामी संपत्ति, विलेख दस्तावेज और वित्तीय तरलता के जो साक्ष्य मिले हैं, उसने जिला प्रशासन के भीतरी विन्यासों में भारी सांगठनिक हड़कंप और खौफ का माहौल लाइव मोड पर सक्रिय कर दिया है।
छह ठिकानों पर एक साथ ईओयू की प्रखर दबिश: मधुबनी और दरभंगा में नाकेबंदी
आर्थिक अपराध इकाई के विशेष अनुसंधान संभाग को पिछले कतिपय समयांतराल से केवटी बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के वित्तीय लेन-देन और आय के स्रोतों में भारी विसंगति होने की गोपनीय इनपुट प्राप्त हो रही थी। इस खुफिया डेटा डंप का फॉरेंसिक और विधिक सत्यापन मुकम्मल करने के उपरांत, ईओयू ने पटना स्थित विशेष अदालत से विधिक सर्च वारंट प्राप्त किया। बुधवार की अलसुबह जब अंचल के लोग दैनिक प्रक्रमों में म्यूट थे, ठीक उसी समय ईओयू के सशस्त्र कमांडो और जासूसी अधिकारियों के अलग-अलग दस्तों ने मधुबनी के बाबूबरही और दरभंगा के बहादुरपुर सहित छह चिन्हित हॉट-स्पॉट्स की घेराबंदी कर भौतिक प्रविष्टि दर्ज की।
तलाशी के दौरान बीडीओ के सहयोगियों और पारिवारिक सदस्यों को प्रक्षेत्र से बाहर डाइवर्ट होने से पूरी कड़ाई के साथ ब्लॉक कर दिया गया था, ताकि किसी भी डिजिटल या भौतिक साक्ष्य को नष्ट न किया जा सके।
अकूत कंक्रीट साम्राज्य और बेनामी भूखंडों के विलेखों का पर्दाफाश
ईओयू द्वारा संकलित की गई केस डायरी के प्रारंभिक विन्यासों के अनुसार, बीडीओ चंद्रमोहन पासवान ने अपने सेवाकाल का अनुचित सांगठनिक लाभ उठाते हुए कतिपय बेनामी संपत्तियों का एक विशाल नेटवर्क विनिर्मित कर रखा था। छापेमारी के दौरान तकनीकी टीम को यह प्रामाणिक साक्ष्य हस्तगत हुआ कि बीडीओ ने मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रक्षेत्र में दो अत्यंत विशाल व्यावसायिक और आवासीय भवनों का कंक्रीट निर्माण मुकम्मल कराया है, जिनकी व्यावसायिक सांख्यिकी और मूल्य बाजार दरों के अनुसार अत्यधिक लाउड दर्ज हैं।
इसके समानांतर, दरभंगा जिले के बहादुरपुर अवस्थित उनके आलीशान आवासीय प्रक्षेप की जब सघन स्क्रूटनी की गई, तो वहाँ से भी दो अन्य बहुमंजिला इमारतों के विलेख बरामद हुए। बहादुरपुर स्थित मुख्य आवास के भीतरी केबिनों की भौतिक तलाशी के दौरान ईओयू के जासूसों को कतिपय गुप्त लॉकरों से विभिन्न संभागों में खरीदे गए कीमती भूखंडों (प्लॉट) के मूल निबंधन दस्तावेज और डीड संचिकाएं हाथ लगी हैं, जिनकी कुल वित्तीय सांख्यिकी के मूल्यांकन का प्रक्रम वर्तमान में गतिशील संधारित है।
बैंक खातों, एलआईसी पॉलिसियों और लक्जरी वाहनों की सांख्यिकीय तालिका
बीडीओ और उनके पारिवारिक सिंडिकेट के भीतरी वित्तीय लेआउट को पूरी कड़ाई के साथ डिकोड करने के वास्ते ईओयू की तकनीकी सेल ने उनके बैंकिंग सिग्नल्स को खंगाला है। तलाशी प्रक्रम के दौरान बरामद हुए वित्तीय निवेशों की सांख्यिकी को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
निवेश एवं संपत्ति का विधिक विन्यास | दर्ज की गई वास्तविक सांख्यिकी और स्टेटस |
|---|---|
सक्रिय बैंक खातों का नेटवर्क | कुल 10 खाते (बीडीओ, उनकी पत्नी एवं बच्चों के नाम पर पंजीकृत) |
फ्रीज की गई तात्कालिक बैंकिंग तरलता | ₹10,00000 (दस लाख रुपये, खातों के लेन-देन पर विधिक रोक) |
एलआईसी (LIC) बीमा पॉलिसी नेटवर्क | 08 सक्रिय पॉलिसियां (वार्षिक प्रीमियम भुगतान ₹2 लाख संधारित) |
परिवहन वाहन विन्यास | 01 महिंद्रा बोलेरो एवं 01 मारुति स्विफ्ट डिजायर कार |
अन्य बरामदगी विलेख | सोने-चांदी के आभूषणों के क्रय से संबंधित भारी मात्रा में रसीदें |
2013 के सेवाकाल से शुरू हुआ अवैध तरलता का खेल: 81 प्रतिशत अधिक मिली संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई के मुख्य प्रवक्ता और अनुसंधान कप्तानों से प्राप्त आधिकारिक इनपुट्स के अनुसार, चंद्रमोहन पासवान वर्ष 2013 के टाइम-स्टैम्प के भीतर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के पद पर विधिक रूप से नियुक्त हुए थे। पिछले लगभग 13 वर्षों के इस सेवाकाल के दौरान उन्हें प्राप्त हुए कुल विधिक वेतन और भत्तों की सांख्यिकी का जब ईओयू के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने फॉरेंसिक ऑडिट संधारित किया, तो वह उनके वर्तमान भौतिक साम्राज्य की तुलना में अत्यंत मंद परिलक्षित हुआ।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट (FIR Details) के अनुसार, बीडीओ के पास उनके वैध और ज्ञात आय के स्रोतों से 81.03 प्रतिशत अधिक यानी लगभग 89.13 लाख रुपये की शुद्ध अवैध कमाई का विलेख दर्ज करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कड़क धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। हालांकि, ईओयू के आला कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को छह ठिकानों पर हुई सघन कंक्रीट तलाशी के बाद जो नए दस्तावेज और आभूषणों की रसीदें सीलबंद संचिका में लॉक की गई हैं, उनके पूर्ण मूल्यांकन के उपरांत इस अवैध सांख्यिकी के करोड़ों रुपये के ग्राफ़ तक लाउड (विस्तारित) होने की शत-प्रतिशत संभावना विनिर्मित संधारित है।
बैंक खाते फ्रीज और तकनीकी जांच का घेरा हुआ अभेद्य
ईओयू की इस आक्रामक प्रविष्टि के बाद, बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के तमाम बैंकिंग ऑपरेशन्स को तत्काल प्रभाव से म्यूट मोड पर डाल दिया गया है। विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों में संचालित उन 10 खातों के भीतर जमा 10 लाख रुपये की नकद राशि को विधिक रूप से फ्रीज करा दिया गया है, ताकि अनुसंधान की अवधि के दौरान कोई भी वित्तीय डाइवर्जन मुकम्मत न हो सके।
इसके समानांतर, बीडीओ के आवासीय परिसरों से जब्त किए गए कंप्यूटरों के हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों के डेटा डंप को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) के कमान केंद्र में प्रेषित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि यह लोकेट किया जा सके कि इस अवैध वित्तीय तरलता के संचरण में अंचल के कतिपय अन्य सफेदपोशों या कनिष्ठ ठेकेदारों का कोई गुप्त सिंडिकेट तो सक्रिय मोड पर संचरण नहीं कर रहा था।
दरभंगा और मधुबनी के प्रबुद्ध नागरिकों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ईओयू के इस कड़े विस्थापन का व्यापक स्वागत किया है। जिला पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त कागजातों के विधिक मिलान का कार्य पूरी कड़ाई के साथ टाइम-बाउंड मोड पर लॉक कर दिया गया है, और बहुत जल्द इस संचिका के भीतर कतिपय अन्य रसूखदार चेहरों के बेनकाब होने की तीव्र विधिक संभावना संधारित परिलक्षित हो रही है।


