भागलपुर में पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, अजीत शर्मा बोले- आधुनिक भारत के निर्माता थे नेहरू

भागलपुर, 27 मई 2026: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर बुधवार को भागलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें याद किया। शहर के पूर्व विधायक के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नेहरू के योगदान, स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके कार्यों को याद किया गया।

श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत पंडित जवाहरलाल नेहरू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। सबसे पहले अजीत शर्मा ने उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी एक-एक कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक और श्रद्धा से भरा रहा।

सभा को संबोधित करते हुए अजीत शर्मा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू केवल स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री ही नहीं थे, बल्कि आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले दूरदर्शी नेता भी थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए नेहरू ने लंबा संघर्ष किया और अंग्रेजी शासन के दौरान वर्षों तक जेल में रहकर कठिन यातनाएं झेलीं। उनका जीवन देशभक्ति, लोकतांत्रिक मूल्यों और आधुनिक सोच का प्रतीक था।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नेहरू ने महात्मा गांधी के साथ मिलकर देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। एक दशक से अधिक समय तक जेल में रहकर उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। उनके संघर्ष और त्याग को देश कभी नहीं भूल सकता।

अजीत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद जब देश कई चुनौतियों से जूझ रहा था, तब नेहरू ने भारत को वैज्ञानिक सोच, औद्योगिक विकास और आधुनिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश में ऐसे संस्थानों की स्थापना की, जो आज भी भारत की प्रगति की आधारशिला बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, बड़े सार्वजनिक उपक्रम, वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र और बड़े बांधों की अवधारणा ने भारत को नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में देश ने औद्योगिक विकास, तकनीकी शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत शुरुआत की।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि नेहरू का सपना एक ऐसे भारत का था, जो आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैज्ञानिक सोच वाला राष्ट्र बने। उन्होंने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया और विविधताओं से भरे देश को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया। आज भारत जिस विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसमें नेहरू की नीतियों और दूरदृष्टि का बड़ा योगदान माना जाता है।

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंडित नेहरू बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर बेहद संवेदनशील थे। वे शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम मानते थे। यही कारण था कि उन्होंने देश में उच्च शिक्षा संस्थानों और वैज्ञानिक शोध केंद्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी।

श्रद्धांजलि सभा में कई वक्ताओं ने नेहरू के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को भी याद किया। नेताओं ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नीति के जरिए उन्होंने भारत को विश्व राजनीति में एक स्वतंत्र और सम्मानजनक स्थान दिलाने का प्रयास किया।

सभा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को नेहरू के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उनका संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण की सोच आज भी प्रासंगिक है। वक्ताओं ने कहा कि देश के विकास, लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए नेहरू के सिद्धांतों को याद रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, अरविंद झा, सुनील तिवारी, काकुली बनर्जी, इंजीनियर रवि कुमार, सोईन अंसारी, डॉ. अभिषेक चौबे, मीनाक्षी, ज्योति देवी, कलीम उद्दीन, डब्लू मलिक और विक्की खान सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सभा के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर नेहरू को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संस्थागत विकास में नेहरू की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने और संवैधानिक संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए।

कार्यक्रम में मौजूद कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि नेहरू का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देशहित को सर्वोपरि रखा और राष्ट्र निर्माण को अपना लक्ष्य बनाया। उनके विचार आज भी देश की राजनीति, शिक्षा और विकास नीतियों में दिखाई देते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक और विकासात्मक संरचना को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। चाहे वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना हो, औद्योगिक इकाइयों का विस्तार या शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, उनके कार्यों का प्रभाव आज भी दिखाई देता है।

श्रद्धांजलि सभा के अंत में कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया कि वे नेहरू के बताए रास्ते पर चलते हुए लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और विकास की भावना को आगे बढ़ाने का काम करते रहेंगे। कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के साथ नेहरू के विचारों और योगदान पर चर्चा भी की।

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