भागलपुर में चक्रवाती तूफान का कहर: 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं, रातभर सड़कों से पेड़ हटाने में जुटा रहा वन विभाग

देर रात आए भीषण चक्रवाती तूफान ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के साथ आए इस तूफान ने शहर के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। अनुमान के अनुसार तूफान की रफ्तार 85 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रही, जिसके कारण बड़ी संख्या में पेड़ उखड़कर सड़कों, बिजली लाइनों और सार्वजनिक स्थानों पर गिर पड़े। कई इलाकों में रातभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

तूफान के तुरंत बाद वन प्रमंडल भागलपुर की टीम सक्रिय हो गई और रात से ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने शहर के मुख्य मार्गों पर गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल करने का अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता उन सड़कों को दी गई जहां पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था।

शहर के विभिन्न इलाकों में तूफान का असर साफ दिखाई दिया। कई जगहों पर पुराने और बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि कुछ पेड़ बीच से टूटकर सड़कों पर गिर पड़े। इससे कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ इलाकों में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तूफान खत्म होते ही विभागीय टीमों को अलग-अलग इलाकों में भेज दिया गया था। रातभर जेसीबी मशीनों, कटिंग उपकरणों और मजदूरों की मदद से पेड़ों को हटाने का काम चलता रहा। कई स्थानों पर सुबह तक सड़कें पूरी तरह साफ कर दी गईं ताकि लोगों की आवाजाही सामान्य हो सके।

वन विभाग ने जानकारी दी कि अभी भी कई इलाकों में गिरे और क्षतिग्रस्त पेड़ों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की सूचना मिली है और सभी स्थानों पर क्रमवार कार्रवाई की जा रही है।

वन प्रमंडल की ओर से आम लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। विभाग ने कहा है कि स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन सभी टीमों को लगातार राहत कार्य में लगाया गया है और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर पेड़ों के साथ-साथ मलबा भी सड़कों पर फैल गया था, जिसे हटाने में काफी समय लग रहा है। नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार सफाई और कटाई कार्य में जुटी हुई है।

वन विभाग ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि किसी सड़क, गली या सार्वजनिक स्थान पर पेड़ गिरा हो तो तुरंत इसकी सूचना नगर निगम या वन विभाग को दें ताकि संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके। अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सूचना से राहत कार्य में तेजी लाई जा सकती है।

इस पूरे अभियान की निगरानी वनों के क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम की मौजूदगी में की जा रही है। वहीं वन परिसर पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है जो अलग-अलग इलाकों में जाकर पेड़ हटाने और रास्ते साफ कराने का काम कर रही हैं।

राहत कार्य में वनरक्षी अमरेश कुमार, नीरज कुमार, आदित्य अभिनव, आदित्य कुमार सिंह सहित कई वनकर्मी लगातार जुटे हुए हैं। विभाग के अनुसार रातभर लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच काम करना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीमों ने बिना रुके अभियान जारी रखा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात अचानक मौसम बिगड़ने के बाद तेज गर्जना और आंधी के कारण लोग भयभीत हो गए थे। कई लोगों ने इसे पिछले कई वर्षों का सबसे शक्तिशाली तूफान बताया। कुछ इलाकों में पेड़ गिरने से मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।

व्यापारिक क्षेत्रों में भी तूफान का असर देखने को मिला। सुबह दुकानदारों को अपनी दुकानें खोलने में परेशानी हुई क्योंकि कई सड़कों पर पेड़ और बिजली के तार गिरे पड़े थे। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से कई मुख्य बाजार क्षेत्रों में जल्द यातायात बहाल कर दिया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बने दबाव और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बिहार के कई हिस्सों में मौसम अचानक खराब हुआ। भागलपुर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने चक्रवाती तूफान जैसी स्थिति पैदा कर दी। विशेषज्ञों ने अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई है।

शहर के कई इलाकों में लोगों ने रातभर दहशत में समय बिताया। बिजली बाधित होने और तेज हवा के कारण कई परिवारों को घरों में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह होते ही लोग घरों से बाहर निकले तो सड़कों पर टूटे पेड़ और बिखरा मलबा देखकर हालात की गंभीरता का अंदाजा लगा।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सड़क मार्ग बहाल करने और सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित बनाने पर है। इसके बाद क्षतिग्रस्त पेड़ों का आकलन और अन्य नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदलते मौसम और तेज आंधी-तूफानों की बढ़ती घटनाएं जलवायु परिवर्तन की ओर संकेत कर रही हैं। शहरों में पुराने और कमजोर पेड़ों की नियमित जांच तथा छंटाई की आवश्यकता पर भी विशेषज्ञों ने जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को कम किया जा सके।

वन विभाग की सक्रियता को लेकर स्थानीय लोगों ने संतोष जताया है। कई नागरिकों ने कहा कि यदि रात में ही राहत कार्य शुरू नहीं किया जाता तो सुबह शहर की स्थिति और खराब हो सकती थी। मुख्य मार्गों को जल्द खाली कर देने से लोगों को राहत मिली है।

फिलहाल भागलपुर में तूफान के बाद राहत और सफाई अभियान लगातार जारी है। वन विभाग, नगर निगम और प्रशासनिक टीमें मिलकर हालात सामान्य बनाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

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