
आगामी चुनावी तैयारियों और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर प्रशासन लगातार सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार को ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के निर्देशों के तहत किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार चुनावी प्रक्रिया में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की सुरक्षा तथा रखरखाव को लेकर आयोग बेहद गंभीर है। इसी कारण नियमित अंतराल पर वेयरहाउस का निरीक्षण अनिवार्य किया गया है ताकि मशीनों की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त बनी रहे।
मंगलवार को हुए निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर कार्यालय के समीप स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण, रिकॉर्ड प्रबंधन और मशीनों के रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी सहित निर्वाचन शाखा के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को वेयरहाउस में रखी मशीनों की स्थिति, सुरक्षा मानकों और निगरानी प्रणाली की जानकारी दी।
जिला प्रशासन के अनुसार निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है। वेयरहाउस में केवल अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है और पूरी गतिविधि की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाती है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित किया कि वेयरहाउस में रखी सभी मशीनें सुरक्षित स्थिति में हैं और आयोग के मानकों के अनुरूप उनकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मशीनों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हर महीने होने वाला यह निरीक्षण चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। निर्वाचन आयोग चाहता है कि चुनाव में उपयोग होने वाली मशीनों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर जनता के बीच किसी प्रकार का संदेह न रहे।
ईवीएम और वीवीपैट मशीनें देश की चुनावी व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सटीक बनाने में इन मशीनों की बड़ी भूमिका होती है। वीवीपैट प्रणाली के जरिए मतदाता यह भी देख सकता है कि उसका वोट किस प्रत्याशी के पक्ष में दर्ज हुआ है। इससे चुनावी प्रक्रिया में भरोसा और मजबूत होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और निगरानी से मशीनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और किसी तकनीकी समस्या की आशंका भी कम हो जाती है। यही वजह है कि निर्वाचन आयोग जिला स्तर पर अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने का निर्देश देता है।
भागलपुर में हुए इस निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि वेयरहाउस परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था रहती है। इसके अलावा प्रवेश और निकासी से संबंधित हर गतिविधि का रिकॉर्ड भी रखा जाता है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मशीनों के रखरखाव और रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी दस्तावेज और रजिस्टर अद्यतन स्थिति में होने चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी जानकारी को तुरंत उपलब्ध कराया जा सके।
चुनावी विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में चुनावी तैयारियों को लेकर प्रशासन को काफी सतर्क रहना पड़ता है। लाखों मतदाताओं वाले क्षेत्रों में चुनाव कराने के लिए बड़ी संख्या में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का उपयोग होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और तकनीकी स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी हो जाता है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि वेयरहाउस में रखी मशीनों का समय-समय पर तकनीकी परीक्षण भी किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि मशीनें पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें और चुनाव के समय किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भागलपुर प्रशासन अभी से तैयारियों को मजबूत करने में जुटा हुआ है। नियमित निरीक्षण और निगरानी इसी तैयारी का हिस्सा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है that चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन बेहद अहम हो जाता है। प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण किए जाने से लोगों के बीच भरोसा भी मजबूत होता है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष है।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों ने बताया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हर गतिविधि का दस्तावेजीकरण किया जाता है। मशीनों की आवाजाही, सीलिंग और रखरखाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के तहत पूरा किया जाता है।
भागलपुर में आयोजित यह मासिक निरीक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे चुनावी तैयारियों की गंभीरता और प्रशासनिक सतर्कता का हिस्सा समझा जा रहा है। आने वाले समय में यदि चुनाव संबंधी गतिविधियां तेज होती हैं तो प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
फिलहाल जिला प्रशासन ने साफ किया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।


