भागलपुर के दीयारा में गैंग का शक्ति प्रदर्शन पड़ा भारी, STF और 15 थानों की संयुक्त कार्रवाई में 3 अपराधी गिरफ्तार

भागलपुर जिले के एकचारी थाना क्षेत्र स्थित दीयारा इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना का पुलिस ने बेहद कम समय में खुलासा कर दिया है। इलाके में अपना पुराना दबदबा कायम करने के लिए अपराधियों ने रात के अंधेरे में खुलेआम गोलियां चलाई थीं, लेकिन पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने पूरे गैंग की योजना पर पानी फेर दिया। इस मामले में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सिर्फ एक सामान्य गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि दीयारा क्षेत्र में बढ़ते अपराध और गैंगवार पर बड़ी चोट मानी जा रही है। इस ऑपरेशन में एसटीएफ के अलावा करीब 15 थानों की पुलिस को शामिल किया गया था। अपराधियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस और बड़ी संख्या में खोखे बरामद किए गए हैं।

रात में फायरिंग से दहल उठा था पूरा इलाका

घटना 23 मई 2026 की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एकचारी दीयारा क्षेत्र के तिनघरिया प्राथमिक विद्यालय के आसपास कुछ युवक हथियारों के साथ घूम रहे हैं और लगातार फायरिंग कर रहे हैं। अचानक हुई गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। ग्रामीणों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे और लोग डर के माहौल में पूरी रात जागते रहे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अपराधियों का मकसद सिर्फ गोली चलाना नहीं था, बल्कि पूरे इलाके में यह संदेश देना था कि उनका गिरोह अभी भी सक्रिय है और उनका दबदबा कायम है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।

जेल जाने के बाद कमजोर पड़ गया था गैंग का खौफ

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। मुख्य आरोपी कर्पूरी मंडल ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसके मामा अगहनु मंडल के जेल जाने के बाद इलाके में उनके गिरोह का प्रभाव कम हो गया था। गांव के लोगों में पहले जैसा डर नहीं रह गया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी वजह से गैंग ने फिर से इलाके में दहशत फैलाने की योजना बनाई। आरोपियों ने तय किया कि खुलेआम फायरिंग कर गांव वालों के बीच दोबारा खौफ पैदा किया जाएगा ताकि उनका पुराना वर्चस्व कायम हो सके।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि कर्पूरी मंडल को उसके रिश्तेदार नीतीश कुमार ने देसी कट्टा और गोलियां उपलब्ध कराई थीं। इसके बाद सभी ने मिलकर सुनसान इलाके में कई राउंड फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि अपराधियों का उद्देश्य हत्या करना नहीं बल्कि इलाके में शक्ति प्रदर्शन करना था।

SSP के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम

मामले की सूचना मिलते ही भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल विशेष अभियान शुरू करने का आदेश दिया। पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी कहलगांव-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी गई।

दीयारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में एसटीएफ भागलपुर के अलावा एकचारी, पीरपैंती, बुद्धुचक, शिवनारायणपुर, ईशीपुर, बाखरपुर, अंतीचक, एनटीपीसी, रसलपुर, सन्हौला, अमदंडा, सनोखर, कहलगांव और घोघा थाना की पुलिस टीमों को शामिल किया गया।

करीब 15 से अधिक थानों की संयुक्त कार्रवाई के कारण पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई थी। पुलिस ने नदी किनारे के संभावित ठिकानों, खेतों और बासा क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया।

घेराबंदी कर पहले कर्पूरी मंडल को पकड़ा

विशेष टीम ने एकचारी थाना कांड संख्या-26/2026 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कर्पूरी मंडल अपने बासा के आसपास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

कर्पूरी मंडल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे लगातार पूछताछ की। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने छापेमारी का दायरा बढ़ाया। इसके बाद दो अन्य आरोपियों अशोक मंडल उर्फ अनिकेत कुमार और आशीष कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

अशोक मंडल को काली मंदिर के पास से पकड़ा गया, जबकि आशीष कुमार को उसके डेरा के समीप से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी घटना में सीधे तौर पर शामिल थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों अपराधी भागलपुर जिले के एकचारी दीयारा क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनमें आशीष कुमार, कर्पूरी मंडल और अशोक मंडल उर्फ अनिकेत कुमार शामिल हैं। तीनों का आपस में करीबी संबंध बताया जा रहा है और पुलिस इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

जांच एजेंसियों को शक है कि इनका संबंध इलाके में सक्रिय अन्य अपराधियों से भी हो सकता है। पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग की भी जांच कर रही है।

बरामद हुए हथियार और कारतूस

गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर हथियार और कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार बरामद सामान यह साबित करते हैं कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।

बरामदगी में एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और दस खोखे शामिल हैं। पुलिस ने हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पहले भी कई घटनाओं में किया गया हो सकता है।

फरार अपराधियों की तलाश में जारी है छापेमारी

भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम दीयारा के दुर्गम इलाकों में नाव और विशेष बलों की मदद से तलाशी अभियान चला रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही इलाके में दोबारा इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

पुलिस टीम की भूमिका की हो रही सराहना

इस पूरे ऑपरेशन में एकचारी थाना के सह-थानाध्यक्ष बब्लू कुमार, अमजद अली अंसारी, राजकुमार प्रसाद, एसटीएफ टीम और कई थानों के सशस्त्र बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इलाके में लोगों का भरोसा बढ़ा है। लंबे समय से अपराध और दहशत के माहौल से जूझ रहे लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब दीयारा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बेहतर होगी।

  • ये भी पढ़े..

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भागलपुर वन विभाग में योग शिविर, वनकर्मियों ने अपनाया स्वस्थ जीवन का संकल्प

    Share Add as a preferred…