Jamui की 22 वर्षीय युवती ने लिखी अनोखी किताब, ‘जमुई: एक दर्शन’ की हर ओर चर्चा

जहां आमतौर पर 22 साल की उम्र में युवा पढ़ाई, नौकरी और मनोरंजन में व्यस्त रहते हैं, वहीं Jamui की युवा कवयित्री श्रेशी श्री ने अपनी मेहनत और सोच से एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने ‘जमुई: एक दर्शन’ नामक पुस्तक लिखी है, जिसकी चर्चा अब जिले से लेकर साहित्य जगत तक हो रही है।

इस पुस्तक में श्रेशी ने कविताओं के माध्यम से जमुई की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक महत्व को बेहद भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया है। पहाड़, जंगल, ऐतिहासिक स्थल और पर्यटन स्थलों को उन्होंने शब्दों में इस तरह पिरोया है कि पाठकों को जिले की सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलता है।

श्रेशी बताती हैं कि इस किताब को तैयार करने में उन्हें पूरे नौ महीने लगे। इस दौरान उन्होंने जमुई के इतिहास और भूगोल का गहराई से अध्ययन किया। कई लेखकों की पुस्तकों से जानकारी जुटाई, जिनमें लेखक Shyamnandan Singh की पुस्तक से उन्हें विशेष मदद मिली।

युवा कवयित्री के अनुसार उनकी कोशिश थी कि लोग जमुई को केवल एक जिला नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के रूप में पहचानें। इससे पहले भी वे एक शायरी संग्रह लिख चुकी हैं।

श्रेशी ने बताया कि लेखन की प्रेरणा उन्हें अपने नाना से मिली, जो स्वयं कविताएं लिखा करते थे। पेशे से शिक्षिका श्रेशी निजी स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ घर पर बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती हैं और इसी के बीच लेखन कार्य जारी रखे हुए हैं।

उनकी इस उपलब्धि की सराहना साहित्य प्रेमियों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी की है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली श्रेशी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे जमुई के इतिहास, संस्कृति और खूबसूरती पर नई किताबें लिखना चाहती हैं, ताकि लोग अपने जिले को और करीब से जान सकें।

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