दिल्ली में ‘जेम्स ऑफ बिहार’ का 6वां स्थापना दिवस आयोजित, बिहार में निवेश और रोजगार बढ़ाने पर हुआ मंथन

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिहार के पेशेवरों के प्रमुख संगठन ‘गवर्नेंस एंड इकोनॉमिक मोटिवेटर्स’ यानी ‘जेम्स ऑफ बिहार’ का छठा स्थापना दिवस उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। नई दिल्ली स्थित मालवीय स्मृति भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभर से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS), कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के विकास, निवेश, रोजगार और औद्योगिक संभावनाओं को लेकर गंभीर चर्चा करना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बिहार को एक विकसित और निवेश-अनुकूल राज्य बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में पेशेवर वर्ग सक्रिय भूमिका निभाएगा।

बिहार को विकसित राज्य बनाने पर हुआ गहन मंथन

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बिहार में संसाधनों, प्रतिभाओं और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सकारात्मक सोच, बेहतर रणनीति और सामूहिक प्रयास की है।

सदस्यों ने कहा कि अब समय आ गया है जब बिहार के पेशेवर लोग राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं। देश और विदेश की बड़ी कंपनियों में कार्यरत बिहार के CA, CS और CMA पेशेवर यदि एक साझा मंच पर आकर प्रयास करें, तो बिहार में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत हो सकती है।

वक्ताओं का मानना था कि बिहार में निवेश का माहौल धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य कई क्षेत्रों में बड़ी आर्थिक ताकत बन सकता है।

रियल एस्टेट, शिक्षा और मखाना उद्योग पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने खास तौर पर रियल एस्टेट, शिक्षा, कृषि आधारित उद्योग और मखाना उद्योग को बिहार की सबसे बड़ी ताकत बताया।

वक्ताओं ने कहा कि मखाना उत्पादन में बिहार की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। यदि इस क्षेत्र में प्रोसेसिंग यूनिट, एक्सपोर्ट नेटवर्क और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जाए, तो लाखों लोगों को रोजगार मिल सकता है।

इसी तरह शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी कई सुझाव दिए गए। विशेषज्ञों का कहना था कि बिहार के छात्र देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, लेकिन राज्य में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।

रियल एस्टेट सेक्टर को भी बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माना गया। वक्ताओं ने कहा कि शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ आने वाले वर्षों में बिहार का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से आगे बढ़ सकता है।

उद्योग स्थापना में आने वाली चुनौतियों पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में केवल संभावनाओं की बात ही नहीं हुई, बल्कि उद्योग लगाने में आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा की गई।

कुछ वक्ताओं ने कहा कि निवेशकों को अब भी कई प्रशासनिक और बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाए तथा उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना विकसित की जाए।

विशेषज्ञों ने कहा कि यदि सरकार, उद्योग जगत और पेशेवर संगठन मिलकर काम करें, तो बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल किया जा सकता है।

बिहार के युवाओं के विकास पर दिए गए सुझाव

कार्यक्रम का एक प्रमुख विषय बिहार के युवाओं का समग्र विकास और रोजगार सृजन भी रहा। वक्ताओं ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि उद्यमी बनने के लिए भी प्रेरित किया जाए। स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस, कृषि आधारित उद्योग और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।

इस विषय पर चर्चा में CS सुमित कुमार, सुमन कुमार झा (FCS, LL.B) और CA शिवानंद चौधरी ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यदि सही दिशा और संसाधन मिले, तो बिहार के युवा राज्य की आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं।

GEMS को और मजबूत बनाने पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा हुई कि ‘जेम्स ऑफ बिहार’ अपने उद्देश्यों को और प्रभावी तरीके से कैसे पूरा कर सकता है।

सदस्यों ने सुझाव दिया कि संगठन को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाया जाए। साथ ही बिहार के छात्रों और युवा पेशेवरों को संगठन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

इस विषय पर राम किशोर सिंह, CS रंजीत वर्मा, CA नित्यानंद ठाकुर और CA रवि रंजन ने अपने विचार रखे।

GST और RERA के जरिए बिहार के रियल एस्टेट पर चर्चा

कार्यक्रम में GST, RERA और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ जैसी योजनाओं के जरिए बिहार के रियल एस्टेट सेक्टर में हो रहे बदलावों पर भी चर्चा की गई।

CA एम एस प्रसाद और परमेश्वर झा ने कहा कि पारदर्शिता और नियामक सुधारों के कारण अब रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार में योजनाबद्ध तरीके से शहरी विकास किया जाए, तो यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।

बिहार के विकास के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प

कार्यक्रम में मौजूद सभी सदस्यों ने एकमत से बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल सरकार के भरोसे विकास संभव नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

सदस्यों ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर बिहार के विकास के लिए विशेषज्ञ राय या सहयोग की जरूरत पड़े, तो ‘जेम्स ऑफ बिहार’ हमेशा तैयार रहेगा।

इन लोगों की रही अहम भूमिका

कार्यक्रम की अध्यक्षता CS सी बी मिश्रा ने की, जबकि संचालन CA आशीष नीरज और CS दुर्गेश झा ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में CA आदित्य झा, CMA सुमन कुमार झा, CA सरोज झा, CS राम किशोर सिंह, CS परमेश्वर झा और CA शिवानंद चौधरी सहित पूरी कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बिहार के लिए उम्मीद और नई सोच का मंच

दिल्ली में आयोजित ‘जेम्स ऑफ बिहार’ का यह कार्यक्रम केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं बल्कि बिहार के भविष्य को लेकर नई सोच और सकारात्मक पहल का मंच बनकर सामने आया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिहार के पेशेवर, उद्योग जगत और युवा एक साझा विजन के साथ आगे बढ़ें, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।

कार्यक्रम का समापन बिहार के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास के लिए मिलकर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में सरकारी बकाया वसूली को लेकर बड़ी कार्रवाई, 5.29 लाख रुपये के बकायेदार को दीवानी जेल भेजने का आदेश

    Share Add as a preferred…

    बांका में राजद संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली, शेख जियाउल हसन ने जताया शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार

    Share Add as a preferred…