​भागलपुर के लैलख स्टेशन पर डकैती की बड़ी साजिश नाकाम: रेल पुलिस ने हथियारबंद 6 शातिर अपराधियों को दबोचा, कट्टा और कारतूस बरामद

भागलपुर, 24 मई 2026। जमालपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले भागलपुर-पीडीडीयू रेलखंड के लैलख रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और एक बड़े डकैती कांड को अंजाम देने की अपराधियों की सुगठित योजना को रेल पुलिस ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की विशेष जासूसी विंग और सशस्त्र बलों ने कूटनीतिक जाल बिछाकर लैलख स्टेशन के एक सुनसान प्रक्षेप से छह कुख्यात और शातिर अपराधियों को ऑन-स्पॉट गिरफ्तार करने में प्रखर सफलता हासिल की है।

​ये सभी अपराधी स्टेशन परिसर के भीतरी हिस्से में एकत्रित होकर किसी एक्सप्रेस ट्रेन या प्लेटफार्म पर प्रविष्ट होने वाले मुसाफिरों से मोटी नकदी और जेवरात लूटने का एक अभेद्य खूनी चक्रव्यूह रच रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इन सभी छह बदमाशों की भौतिक और फॉरेंसिक तलाशी के दौरान उनके पास से एक अत्यधिक मारक लोहे का देसी कट्टा, कई जिंदा कारतूस, धारदार स्टील के चाकू, कैंची और कतिपय आपत्तिजनक उपकरण बरामद कर सीलबंद संचिका में लॉक कर दिए हैं। इस बड़ी प्रशासनिक प्रविष्टि के बाद जमालपुर रेल प्रमंडल के तमाम स्टेशनों पर सुरक्षा ग्रिड को पूरी कड़ाई के साथ म्यूट से लाउड मोड पर सक्रिय कर दिया गया है।

शुक्रवार की शाम मिला था गुप्त इनपुट, घेराबंदी कर घेरे गए तस्कर और लुटेरे

​इस प्रखर ऑपरेशन के रणनीतिक विन्यासों और धरातलीय घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए रेल थाना भागलपुर के पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष मो. नसीम अहमद ने बताया कि शुक्रवार की शाम लगभग 6:00 बजे जिला पुलिस और रेल खुफिया इकाई के डिजिटल पटल पर एक अत्यंत प्रामाणिक और गुप्त इनपुट फ्लैश हुआ था। जासूसी इनपुट में यह साफ रेखांकित था कि अंतर-जिला सिंडिकेट से जुड़े कतिपय पेशेवर अपराधी लैलख रेलवे स्टेशन के कनिष्ठ और अंधेरे वाले केबिनों के समीप किसी बड़ी आपराधिक घटना या यात्री ट्रेन में डकैती डालने के उद्देश्य से अत्याधुनिक हथियारों के साथ लाइव मोड पर जुटने वाले हैं।

​इस सूचना की विधिक संवेदनशीलता को संज्ञान में लेते हुए जीआरपी थानाध्यक्ष मो. नसीम अहमद के कुशल नेतृत्व में सशस्त्र कमांडो और त्वरित कार्य बल के कनिष्ठ जवानों का एक संयुक्त आक्रामक दस्ता तुरंत लैलख स्टेशन की दिशा में डाइवर्ट किया गया।

​पुलिस की यह जांबाज टीम जब साधारण लिबास (सिविल ड्रेस) में स्टेशन परिसर के भीतरी प्रक्षेपों में प्रविष्ट हुई, तो वहां प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर बने एक खंडहरनुमा शेड के मलबे के पीछे छह संदिग्ध युवक आपस में फुसफुसाते हुए मोबाइल फोन के सिग्नल्स को मॉनिटर कर रहे थे और किसी कूटनीतिक लेआउट पर विमर्श कर रहे थे। पुलिस कप्तानों ने बिना कोई लिपिकीय ढिलाई बरते, पूरे प्रक्षेप को चारों तरफ से कड़ाई से कॉर्डन ऑफ (घेर लिया) और आक्रामक दबिश देकर सभी छह बदमाशों को आत्मसमर्पण करने पर विवश कर दिया।

​अचानक हुई इस पुलिसिया घेराबंदी के कारण अपराधियों को अपने हथियारों का कॉक करने या प्रक्षेत्र से बाहर भागने का आंशिक अवसर भी हस्तगत नहीं हो सका। पुलिस ने सभी को विधिक रूप से अपनी सुरक्षा अभिरक्षा में लेकर रेल थाना के विशेष पूछताछ सेल में स्थानांतरित कर दिया।

हथियारों का जखीरा और आपत्तिजनक सामग्रियों का विस्तृत सांख्यिकीय विन्यास

​लैलख स्टेशन से गिरफ्तार किए गए इन सभी छह अपराधियों की जब सुरक्षा मानकों के आलोक में सघन और सूक्ष्म शारीरिक तलाशी मुकम्मल की गई, तो उनके परिधानों और जेबों के भीतर से अवैध हथियारों और लूटपाट के धारदार औजारों का एक पूरा ग्रिड बरामद हुआ। पुलिस डायरी के विलेख के अनुसार, पकड़े गए सार्जन मंडल की कमर के दाहिने हिस्से से एक लोडेड देसी कट्टा और उसकी पैंट की जेब से 8 एमएम के दो जिंदा कारतूस विधिक रूप से बरामद किए गए।

​इसके समानांतर, सिंडिकेट के दूसरे मुख्य स्तंभ श्रवण मंडल की जासूसी तलाशी लेने पर उसकी दराज जैसी जेब से भी 8 एमएम क्षमता के दो अन्य प्रखर कारतूस हस्तगत हुए। गिरोह के तीसरे कनिष्ठ सदस्य सौरभ कुमार उर्फ छोटू के पास से भी पुलिस दस्तों ने 8 एमएम का एक जिंदा कारतूस ऑन-स्पॉट सील किया।

​हथियारों के इस जखीरे के अतिरिक्त, ट्रेन के भीतर यात्रियों के बैग काटने और डराने के विन्यास में रखे गए कतिपय अन्य धारदार विलोपकों का भी भंडाफोड़ हुआ। गिरोह के शागिर्द यदुनंदन मंडल की शारीरिक स्क्रूटनी के दौरान उसके पास से अत्यधिक चमकीले स्टील के दो छोटे चाकू बरामद हुए, जिनके हत्थों का रंग क्रमशः लाल और ब्लू संधारित था। इसके साथ ही उसकी जेब से कपड़ों और बैग्स की चेन को विच्छेदित करने वाली एक धारदार स्टील की कैंची और कतिपय ब्लेड्स बरामद किए गए।

​वहीं, गिरोह के छठे अभियुक्त सूरन पासवान की पैंट की भीतरी जेब से ब्लू रंग का एक छोटा फोल्डेड (मुड़ने वाला) चाकू बरामद किया गया, जिसका उपयोग वह पीड़ित मुसाफिरों को गनपॉइंट और चाकूपॉइंट पर लेकर भय का माहौल लाइव करने के लिए करता था। इन सभी घातक सामग्रियों की बरामदगी सूची (सीजर लिस्ट) पर स्वतंत्र गवाहों के विधिक हस्ताक्षर कराकर केस डायरी को अभेद्य बनाया गया है।

गिरफ्तार बदमाशों का संगीन इतिहास: सबौर और रेल थानों की फाइलों में दर्ज हैं कांड

​जीआरपी के वरिष्ठ जासूसों और थानाध्यक्ष मो. नसीम अहमद ने अपराधियों के सर्विस रिकॉर्ड्स और पुराने इतिहास की जब कंप्यूटर डेटा डंप से गहन स्क्रूटनी की, तो अंचल के भीतर फैले उनके संगीन आपराधिक सिंडिकेट की कई खूनी परतें स्वतः ही पटल पर लाइव हो गईं। पकड़े गए अपराधियों में से अधिकांश आदतन और पेशेवर लुटेरे संधारित हैं, जो पूर्व में भी भागलपुर, जमालपुर और बेऊर जैसे केंद्रीय कारागारों की हवा कई बार खा चुके हैं।

​पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, आरोपी श्रवण कुमार उर्फ श्रवण मंडल के विरूद्ध भागलपुर जिले के सबौर थाना और रेल थाना भागलपुर के भीतर इसी वर्तमान वर्ष 2026 के भीतर ही चोरी, आर्म्स एक्ट के उल्लंघन और लूटपाट की गंभीर विधिक धाराएं पंजीकृत संधारित हैं। वह कतिपय मुकदमों में जमानत पर बाहर आकर दोबारा अपने गैंग को सक्रिय करने में मुस्तैद था।

​इस सिंडिकेट का दूसरा नामजद आरोपी सार्जन कुमार भी सबौर थाना के अंतर्गत घटित हुए एक बड़े आपराधिक कांड का मुख्य वांटेड अभियुक्त संधारित रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस की टीमें कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। गिरोह का तीसरा कुख्यात सदस्य सौरभ उर्फ छोटू भी कोई कनिष्ठ अपराधी नहीं है; उसके खिलाफ सबौर थाने के अतिरिक्त रेल थाना भागलपुर के भीतर मचलते वर्ष 2018 के टाइम-स्टैम्प में चोरी का माल डंप करने, अवैध संपत्तियों का क्रय-विक्रय करने और ट्रेनों के भीतर छपटमारी करने का एक बड़ा विधिक मामला दर्ज संधारित पाया गया है।

​अपराधियों के इस चक्रव्यूह का चौथा सबसे खतरनाक और प्रखर चेहरा आनंद उर्फ लादेन है। आनंद उर्फ लादेन के सर्विस रिकॉर्ड्स की स्क्रूटनी से प्रमाणित हुआ है कि उसके विरुद्ध रेल थाना भागलपुर के भीतर पिछले वर्ष कतिपय शांतिपूर्ण मुसाफिरों पर जानलेवा हमला करने, दंगा भड़काने, सांप्रदायिक सौहार्द के ताने-बाने को आंशिक ठेस पहुंचाने और रेलवे की विधिक संपत्तियों को मलबे में तब्दील करने की कड़क धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें वह काफी समय से कानून की नजरों से बचकर भूमिगत चल रहा था।

रेल एसपी विद्यासागर का कड़ा विनिर्देश: कड़ाई से पूछताछ में मिले कई अहम सुराग

​लैलख रेलवे स्टेशन पर मुकम्मल हुई इस अभेद्य और ऐतिहासिक गिरफ्तारी की प्रशासनिक कड़ियों और अद्यतन अनुसंधान के स्टेटस पर आधिकारिक प्रकाश डालते हुए रेल पुलिस अधीक्षक (एसपी), जमालपुर विद्यासागर ने एक विस्तृत विरणी बयान जारी किया है। रेल एसपी विद्यासागर ने प्रामाणिक रूप से पुष्टि की कि डकैती की इस बड़ी साजिश को नाकाम करने के बाद गिरफ्तार किए गए सातों अभियुक्तों से पुलिस के आला कप्तानों के विशेष सेल में कड़ाई से पूछताछ (Interrogation) मुकम्मल की गई है। इस सघन पूछताछ प्रक्रम के दौरान अपराधियों के पास से अंचल के भीतर सक्रिय कतिपय अन्य बेनामी गिरोहों, रेलवे ट्रैक पर लोहा चोरी करने वाले सिंडिकेट्स और कनिष्ठ पेडलर्स के संबंधों में कई अत्यंत महत्वपूर्ण और कूटनीतिक सुराग (इनपुट्स) रेल पुलिस के हाथ लगे हैं।

​रेल एसपी विद्यासागर ने स्पष्ट विनिर्देश साझा करते हुए बताया कि लैलख स्टेशन से प्राप्त इन डिजिटल और भौतिक इनपुट्स के आलोक पर काम करने के वास्ते जीआरपी और आरपीएफ की तीन विशेष जासूसी टीमों का गठन लाइन-अप कर दिया गया है। ये टीमें देर रात से ही भागलपुर, सबौर, सुलतानगंज और कहलगांव के कतिपय चिन्हित और संदेहास्पद ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी ग्रिड सक्रिय किए हुए हैं ताकि इस गिरोह को पर्दे के पीछे से कारतूस और कट्टे की रसद आपूर्ति करने वाले मुख्य किंगपिन और सफेदपोश संरक्षकों के चेहरे को भी कानून की जद में लाया जा सके।

​पुलिस ने सभी गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, सरकारी रेलवे एक्ट और डकैती की तैयारी करने की गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत नई प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। शनिवार की सुबह सभी बदमाशों का डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण मुकम्मल कराए जाने के उपरांत, उन्हें कड़े सशस्त्र सुरक्षा घेरे के भीतर कोर्ट के पटल पर प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत के तहत केंद्रीय जेल के अभेद्य सींखचों के पीछे भेजने का विधिक प्रक्रम ससमय पूरा कर लिया गया है।

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