ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़, भाभी राशि शर्मा ने लगाए गंभीर आरोप; कोर्ट परिसर में धमकियों का दावा

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। इस बार ट्विशा की भाभी ने खुलकर सामने आते हुए ससुराल पक्ष, पुलिस जांच और पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्विशा की मौत के बाद अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि फॉरेंसिक रिपोर्ट में कई ऐसे दावे खारिज हो चुके हैं जिनका इस्तेमाल लगातार किया जा रहा है।

राशि शर्मा ने दावा किया कि परिवार को खुलेआम धमकियां मिल रही हैं और कोर्ट परिसर तक में डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर हो। इस बयान के बाद एक बार फिर ट्विशा शर्मा मामला सुर्खियों में आ गया है और पूरे प्रदेश में इसको लेकर बहस तेज हो गई है।

“मौत के बाद भी ट्विशा को बदनाम किया जा रहा”

राशि शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि ट्विशा की मौत के बाद भी लगातार उसके चरित्र और मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक जमानत याचिका खारिज नहीं हुई थी, तब तक ससुराल पक्ष की ओर से न कोई सार्वजनिक संवेदना दिखाई गई और न ही न्याय की बात की गई। लेकिन जैसे ही कानूनी दबाव बढ़ा, अचानक भावनात्मक बयान सामने आने लगे।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक मृत महिला के खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं, उससे यह समझना मुश्किल नहीं है कि जब ट्विशा जिंदा थीं तब उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता होगा। राशि का आरोप है कि ट्विशा को लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी।

फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देकर उठाए सवाल

राशि शर्मा ने सबसे बड़ा सवाल उन दावों पर उठाया जिनमें ट्विशा को नशे का आदी या मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि शरीर में किसी भी प्रकार के नशे का कोई अंश नहीं मिला।

इसके बावजूद लगातार ड्रग्स और मानसिक बीमारी को लेकर बयान दिए जा रहे हैं। राशि ने कहा कि अगर किसी महिला को लगातार प्रताड़ित किया जाए और बाद में उसी को दोषी ठहराया जाए, तो यह केवल मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं बल्कि संवेदनहीनता और दोहरे व्यवहार का उदाहरण है।

उनका कहना है कि परिवार अब यह महसूस कर रहा है कि सच को दबाने और कहानी को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश की जा रही है।

“जांच में कई बड़ी चूक हुई”

राशि शर्मा ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल-लीगल केस होने के बावजूद अब तक कई अहम पहलुओं पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि आखिर समर्थ सिंह से अब तक कस्टोडियल पूछताछ क्यों नहीं की गई, जबकि एफआईआर में कई ऐसे तथ्य मौजूद हैं जो सीधे तौर पर उनकी भूमिका की ओर संकेत करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की एफआईआर दर्ज करने में भी तीन दिन की देरी की गई, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। राशि का कहना है कि परिवार शुरू से ही जांच में ढिलाई महसूस कर रहा है।

उनके मुताबिक अब परिवार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग कर रहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच हो सके।

गिरिबाला सिंह पर भी लगाए गंभीर आरोप

राशि शर्मा ने ट्विशा की सास को मिली अग्रिम जमानत पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उन्हें केवल उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर राहत मिली, जबकि उन्होंने यह आश्वासन दिया था कि जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगी।

राशि ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद लगातार मीडिया में बयान देकर मृत बहू पर आरोप लगाए जा रहे हैं और बेटे के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जब परिवार का एक सदस्य पूर्व न्यायिक पद पर रह चुका हो और दूसरा आपराधिक मामलों का वकील हो, तब आम परिवार को स्वाभाविक रूप से दबाव महसूस होता है।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी उठे सवाल

राशि शर्मा ने घटना वाले दिन की परिस्थितियों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में कई बातें ऐसी दिखाई दे रही हैं जो आधिकारिक दावों से मेल नहीं खातीं।

उन्होंने कहा कि जिस समय CPR देने का दावा किया जा रहा था, उसी दौरान वीडियो में लोग सामान्य तरीके से घूमते हुए नजर आ रहे हैं। राशि ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई।

परिवार का कहना है कि यदि समय पर सही कदम उठाए जाते तो शायद कई सवालों के जवाब पहले ही मिल जाते।

“30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा”

राशि शर्मा ने सबसे चौंकाने वाला दावा कोर्ट परिसर में मिली धमकियों को लेकर किया। उन्होंने कहा कि ट्विशा के भाई को खुलेआम धक्का दिया गया, मोबाइल फोन फेंका गया और धमकी दी गई कि “30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं।”

उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर भी परिवार सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा, तो इससे पूरे मामले की गंभीरता समझी जा सकती है।

राशि का कहना है कि परिवार लगातार दबाव और डर के माहौल में जी रहा है, लेकिन इसके बावजूद न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।

“ट्विशा घर वापस आना चाहती थीं”

राशि शर्मा ने भावुक होते हुए बताया कि ट्विशा कई बार घर लौटने की बात कर चुकी थीं। उन्होंने कहा कि ट्विशा ने फोन कर टिकट कराने और पैसे भेजने तक की बात कही थी। परिवार ने टिकट भी करा दिए थे, लेकिन बाद में उन्हें कैंसिल करवा दिया गया।

राशि के अनुसार ट्विशा लगातार मानसिक दबाव में थीं और कई बार अपने संदेशों में अपनी परेशानियों का जिक्र करती थीं। उन्होंने कहा कि आज जो आरोप सामने आ रहे हैं, वे नए नहीं हैं। ट्विशा जब जिंदा थीं तब भी उन्हें इसी तरह के तानों और आरोपों का सामना करना पड़ता था।

न्याय की उम्मीद में परिवार

परिवार का कहना है कि उन्हें अब सरकार और पुलिस से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं बची है, लेकिन वे अब भी न्यायपालिका पर भरोसा रखते हैं। राशि शर्मा ने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हुई और अदालत में सभी तथ्यों को सही तरीके से रखा गया, तभी ट्विशा को न्याय मिल पाएगा।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर महिला सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना और प्रभावशाली परिवारों के दबाव जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

आने वाले दिनों में पुलिस जांच, कोर्ट की सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई इस केस की दिशा तय करेगी। फिलहाल ट्विशा शर्मा मामला मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में से एक बना हुआ है।

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