
बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर बक्सर में शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सर के प्रसिद्ध वामनेश्वर नाथ मंदिर और रामरेखा घाट स्थित रामेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का निरीक्षण किया और रामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की बड़ी घोषणा की।
मुख्यमंत्री के बक्सर आगमन को लेकर पूरे शहर में खास उत्साह देखने को मिला। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संगठनों की ओर से उनका स्वागत किया गया। धार्मिक नगरी बक्सर में पहली बार पहुंचे मुख्यमंत्री को फूल-मालाओं, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से भी विशेष तैयारियां की गई थीं।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बक्सर केंद्रीय कारा परिसर के भीतर स्थित प्राचीन वामनेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर भगवान वामन अवतार से जुड़ा हुआ माना जाता है। मंदिर परिसर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने वहां चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें प्रस्तावित वामनेश्वर धाम के ले-आउट प्लान की विस्तृत जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय कारा परिसर में बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने वहां प्रदर्शित हस्तनिर्मित सामग्रियों की सराहना की और कहा कि इस तरह की पहल बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास में सहायक हो सकती है।
बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने मुख्यमंत्री को चरखा और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री के स्वागत में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले बक्सर में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता दिखाई दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री रामरेखा घाट स्थित बाबा रामेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित पहला शिवलिंग माना जाता है। मुख्यमंत्री ने यहां पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली और विकास की कामना की। मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
रामरेखा घाट पहुंचकर मुख्यमंत्री ने घाट पर कराए गए विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने साइट प्लान के माध्यम से उन्हें घाट के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास योजनाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को प्रस्तावित भगवान श्रीराम की प्रतिमा, कंट्रोल रूम, पेयजल व्यवस्था, पाथ-वे, चेंजिंग रूम और गंगा आरती स्थल से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसी दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि रामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद मौजूद लोगों ने खुशी जाहिर की। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे बक्सर की धार्मिक पहचान और मजबूत होगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य और महर्षि विश्वामित्र मंडपम का भी उद्घाटन किया। उन्होंने रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया, जिसमें बक्सर की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। शो में भगवान राम, महर्षि विश्वामित्र और बक्सर की धार्मिक परंपराओं से जुड़ी झलकियां दिखाई गईं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस प्रस्तुति की सराहना की।
लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स में 5डी थिएटर, टिकट काउंटर, इनडोर और आउटडोर रेस्टोरेंट, ड्राई डेक फाउंटेन सहित कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना बक्सर को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने इसी दौरान रिमोट के जरिए महाराज स्वर्गीय कमल बहादुर सिंह की प्रतिमा का भी अनावरण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बक्सर जिला के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विधायक संतोष कुमार निराला, विधायक आनंद मिश्र, विधायक राहुल कुमार सिंह, विधान पार्षद सोनू कुमार राय और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे सहित कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव लोकेश कुमार सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, शाहाबाद क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक डॉ. सत्य प्रकाश, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर, बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को बक्सर के धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घोषित योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो बक्सर देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रामरेखा घाट पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे बक्सर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।


