
बिहार में लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल के बीच आईपीएस अधिकारियों के तबादले से जुड़ा एक फर्जी पत्र वायरल होने से पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने एक आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर आईपीएस अधिकारियों की कथित ट्रांसफर सूची तेजी से वायरल हो रही थी। पहली नजर में यह पत्र पूरी तरह आधिकारिक दिखाई दे रहा था, जिसमें कई अधिकारियों के नाम और नई तैनाती का उल्लेख किया गया था।
हालांकि Bihar Police Headquarters द्वारा जांच किए जाने पर यह पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फर्जी पत्र तैयार करने में एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता है। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
इस मामले पर Sudhanshu Kumar ने कहा कि बिहार पुलिस कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों की गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीजी ने कहा, “मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की गई। जो आरोपी सामने आया, वह बिहार पुलिस का ही जवान है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी वायरल दस्तावेज या सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पत्र किस उद्देश्य से तैयार किया गया और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है।


