पटना में विश्वासघात की वीभत्स प्रविष्टि: शास्त्रीनगर में शादी का झांसा दे रहे प्रेमी ने चाकू के बल पर प्रेमिका को बनाया बंधक, दुष्कर्म के बाद हमला कर हुआ फरार

पटना, 23 मई 2026। बिहार की राजधानी पटना के शहरी प्रक्षेपों के भीतर कानून-व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को तार-तार करने वाली एक बेहद दर्दनाक और संदेहास्पद वारदात दर्ज की गई है। पटना के सुप्रसिद्ध शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक किराए के आवासीय परिसर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक 26 वर्षीय युवती के साथ उसके ही तथाकथित प्रेमी द्वारा कूटनीतिक चक्रव्यूह रचकर सामूहिक मर्यादाओं को खंडित करने का संगीन मामला सामने आया है।

​आरोप है कि युवक ने गुरुवार की रात एक सोची-समझी पटकथा के तहत पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने कमरे के भीतर प्रविष्ट कराया और वहां उसे बंधक बनाकर हथियार के बल पर उसकी अस्मत को मलबे में तब्दील कर दिया। इस वीभत्स कृत्य का विरोध करने पर आरोपी ने क्रूरता की सभी विधिक सीमाएं लांघते हुए सब्जी काटने वाले धारदार चाकू से छात्रा के शरीर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलाहान हो गई। घटना के बाद संपूर्ण पटना के छात्र बाहुल्य प्रक्षेपों और हॉस्टल विंग्स के भीतर भारी असुरक्षा, आक्रोश और सनसनी का माहौल लाइव संधारित देखा जा रहा है।

हॉस्टल में रहकर एसएससी की तैयारी और नर्सिंग होम में पार्ट-टाइम नौकरी का संघर्ष

​इस हृदयविदारक घटनाक्रम के आंतरिक विन्यासों और पीड़िता की पृष्ठभूमि की स्क्रूटनी करने पर एक कनिष्ठ नागरिक के कड़े संघर्ष की कहानी पटल पर आती है। पीड़ित 26 वर्षीय छात्रा मूल रूप से बिहार के एक अन्य जिले की निवासी है, जो पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में अवस्थित एक निजी गर्ल्स हॉस्टल के भीतर रहकर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। अपने दैनिक जीवन के बजटीय खर्चों, पढ़ाई की फीस और हॉस्टल के शुल्कों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से वह पटना के ही एक निजी नर्सिंग होम के भीतर आंशिक समय (पार्ट-टाइम) के लिए नर्सिंग एसोसिएट के रूप में नौकरी भी करती थी।

​इसी कामकाजी और शैक्षणिक प्रक्रम के दौरान, मचलते एक वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात मधेपुरा जिले के मूल निवासी मनीष यादव से हुई थी। मनीष यादव पटना के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के प्रशासनिक विंग के भीतर डेटा ऑपरेटर के विधिक पद पर कार्यरत संधारित था। एक ही चिकित्सा प्रक्षेप के आस-पास होने के कारण दोनों के बीच शुरुआती संवाद धीरे-धीरे एक गहरी दोस्ती में डाइवर्ट हो गया। मनीष यादव ने युवती के संघर्षों का फायदा उठाते हुए कूटनीतिक रूप से खुद को उसका हितैषी प्रदर्शित किया, जिसके बाद दोनों के बीच अक्सर मिलना-जुलना और प्रेम प्रसंग का विन्यास लाइव मोड पर सक्रिय हो गया।

शादी का झूठा झांसा देकर शारीरिक शोषण और वैचारिक विवाद का चक्रव्यूह

​केस डायरी के पन्नों के अनुसार, आरोपी मनीष यादव के मन में शुरुआत से ही इस रिश्ते को लेकर कोई पवित्र या विधिक मंशा संधारित नहीं थी। उसने पीड़िता का अटूट विश्वास जीतने के बाद उसे अपनी प्रेम जाल की कड़ियों में पूरी कड़ाई से जकड़ लिया और लगातार शादी करने का प्रखर व झूठा झांसा देना प्रारंभ कर दिया। इसी कूटनीतिक वादे की आड़ में आरोपी मनीष यादव पिछले कई महीनों से पीड़िता की विवशता का फायदा उठाकर उसके साथ निरंतर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध स्थापित करता आ रहा था।

​जब भी पीड़ित छात्रा मनीष यादव के समक्ष अपने वैवाहिक संबंधों को विधिक अमलीजामा पहनाने या अपने परिजनों से बात कर शादी की तारीख तय करने का विलेख पटल पर रखती, तो आरोपी का आचरण अचानक पूरी तरह से बदल जाता था। वह शादी की बात को म्यूट करने के उद्देश्य से तीखे वैचारिक विवादों पर उतारू हो जाता था और पीड़िता के चरित्र पर निराधार लांछन लगाकर मामले को डाइवर्ट करने के चक्रव्यूह में जुट जाता था। इसके बावजूद छात्रा इस उम्मीद में चुप संधारित रही कि समय के साथ मनीष के व्यवहार में सकारात्मक विचलन दर्ज होगा।

गुरुवार की रात का वह खौफनाक मंजर: कमरे में बंधक बनाकर चाकू के बल पर दुष्कर्म

​इस अमानवीय प्रकरण का सबसे वीभत्स और खूनी अध्याय गुरुवार की रात को शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में अवस्थित मनीष यादव के किराए के कमरे के भीतर लाइव हुआ। आरोपी ने एक सोची-समझी योजना के तहत कतिपय आवश्यक विलेखों और बातचीत का बहाना बनाकर पीड़ित छात्रा को रात के समय अपने कमरे पर प्रविष्ट होने का विनिर्देश दिया। चूंकि छात्रा उस पर भरोसा करती थी, इसलिए वह कदमकुआं से प्रस्थान कर शास्त्रीनगर स्थित उसके कमरे पर जा पहुंची।

​कमरे के भीतर कदम रखते ही मनीष यादव ने मुख्य किवाड़ को भीतर से पूरी कड़ाई से लॉक (ब्लॉक) कर दिया और उसके मोबाइल फोन के सिग्नल्स को म्यूट करने के प्रयास किए। इसके तुरंत बाद उसने पुनः शादी की बात को लेकर पीड़िता के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब छात्रा ने उसके इस अमर्यादित व्यवहार का प्रखर विरोध किया और कमरे से बाहर प्रस्थान करने का प्रयास किया, तो मनीष ने अपनी औकात लाइव कर दी। उसने घर के भीतर रखे सब्जी काटने वाले अत्यधिक धारदार लोहे के चाकू को निकाला और उसे छात्रा की गर्दन पर तानकर उसे बंधक बना लिया।

​मौत का खौफ दिखाकर और उसकी चीख-पुकार को तकिये के मलबे से दबाकर आरोपी मनीष यादव ने पूरी रात चाकू के बल पर उसके साथ वीभत्स दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस अमानवीय कृत्य के दौरान जब पीड़िता ने खुद को उसके चंगुल से मुक्त कराने के लिए शारीरिक संघर्ष किया, तो सनकी आरोपी ने धारदार चाकू से उसके ऊपर जानलेवा प्रहार कर दिए। चाकू के इस प्रखर वार के कारण पीड़ित छात्रा के गर्दन के संवेदनशील हिस्से, दाहिने हाथ की हथेलियों और कंधे के प्रक्षेप पर गहरे और तीखे जख्म के निशान अंकित हो गए, जिससे भारी मात्रा में रक्तस्राव लाइव मोड पर शुरू हो गया।

लहूलुहान अवस्थिति में खुद आईजीआईएमएस पहुंची पीड़िता, अस्पताल की सूचना पर पुलिस अलर्ट

​शुक्रवार की तड़के सुबह जब अपराधियों की मानसिक सनक आंशिक रूप से मंद हुई, तो गंभीर रूप से शारीरिक और मानसिक आघात झेल रही पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से मुक्त होने में सफल रही। शरीर से बहते खून और फटे परिधानों के बीच अदम्य साहस का परिचय देते हुए वह शास्त्रीनगर की सुनसान सड़कों से गुजरकर खुद पैदल और आंशिक परिवहन माध्यमों से सीधे इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के मुख्य आपातकालीन वार्ड में जा पहुंची।

​आईजीआईएमएस के ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा कप्तानों ने जब अपने ही विभाग के डेटा ऑपरेटर की इस खौफनाक करतूत की शिकार हुई लहूलुहान छात्रा को देखा, तो चिकित्सा गलियारे के भीतर हड़कंप मच गया। डॉक्टरों ने सबसे पहले पीड़िता के घावों की कंक्रीट सर्जिकल ड्रेसिंग मुकम्मल की और उसकी शारीरिक स्थिति को स्थिर संधारित किया। मामले की संगीनता और धारदार हथियार के निशानों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बिना किसी लिपिकीय ढिलाई के तुरंत इस सामूहिक विसंगति की विधिक सूचना दूरभाष के माध्यम से स्थानीय शास्त्रीनगर थाना पुलिस के आला कप्तानों को हस्तगत कराई।

सचिवालय डीएसपी-2 साकेत कुमार के विनिर्देश पर एफआईआर दर्ज, फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी तेज

​चिकित्सालय से सामूहिक दुष्कर्म और जानलेवा हमले जैसी अति-संवेदनशील इनपुट मिलते ही शास्त्रीनगर थाना पुलिस महकमे के भीतर सांगठनिक सक्रियता म्यूट से सीधे लाउड मोड पर आ गई। सचिवालय डीएसपी-2 साकेत कुमार के कुशल विनिर्देश पर महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टरों और कनिष्ठ जासूसों का एक आक्रामक दस्ता तुरंत आईजीआईएमएस अस्पताल के विशेष वार्ड में लाइव प्रविष्ट हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मजिस्ट्रेट की विधिक मौजूदगी में पीड़ित छात्रा का फर्दबयान (आधिकारिक विलेख) दर्ज किया।

​छात्रा के इस प्रामाणिक बयान को मुख्य आधार बनाते हुए शास्त्रीनगर पुलिस ने आरोपी मनीष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की सुसंगत, कड़क व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला (प्राथमिकी) पंजीकृत कर लिया है। केस डायरी को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने पीड़िता का विधिक मेडिकल बोर्ड से फॉरेंसिक परीक्षण भी मुकम्मल करा लिया है।

​सचिवालय डीएसपी-2 साकेत कुमार ने मामले के अद्यतन स्टेटस और तकनीकी अनुसंधान के विन्यासों पर आधिकारिक प्रकाश डालते हुए बताया कि घटना की रात से ही आरोपी मनीष यादव अपने शास्त्रीनगर स्थित कमरे को लॉक करके और अपने सभी डिजिटल पहचान पत्रों व मोबाइल फोन को बंद (स्विच ऑफ) करके प्रक्षेत्र से बाहर फरार संधारित है। डीएसपी साकेत कुमार ने साफ किया कि आरोपी की भौतिक अवस्थिति को ट्रेस करने के वास्ते साइबर सेल की मदद से उसके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और हालिया बैंकिंग लेन-देन के डिजिटल डेटा डंप की गहन स्क्रूटनी लाइव मोड पर संचालित की जा रही है।

​भागलपुर, मधेपुरा और पटना के सभी संभावित ठिकानों और बस टर्मिनलों पर जासूसी दस्तों द्वारा ताबड़तोड़ छापेमारी ग्रिड सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि इस केस डायरी के विन्यासों को पूरी तरह अभेद्य बनाया जा रहा है ताकि फरार चल रहे मनीष यादव को न्यूनतम समय-सीमा के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके और अदालत में स्पीडी ट्रायल चलाकर उसे कानून के तहत कड़े से कड़े दंडात्मक विन्यास से एकीकृत कराया जा सके।

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